
- रोहतक। राज्यसभा चुनाव के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि वह वोटिंग को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भरत सिंह बेनीवाल का वोट नियमों के अनुसार नहीं डाला गया और इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग में यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
सतीश नांदल ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बेहद जरूरी है, लेकिन इस चुनाव में कुछ घटनाएं संदेह पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो इसकी जांच होनी चाहिए और जरूरत पड़ी तो वह न्यायालय का सहारा लेंगे।
हालांकि, नांदल ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने चुनाव के दौरान किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त से खुद को दूर रखा। उन्होंने कहा कि उनका चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से लड़ा गया और उन्होंने अपने सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जनता और कुछ विधायकों का समर्थन मिला, जिसके लिए वह सभी का आभार व्यक्त करते हैं।
इस दौरान नांदल ने इनेलो पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर इनेलो के विधायकों ने उन्हें वोट दिया होता तो आज वह राज्यसभा सीट जीत सकते थे। नांदल ने दावा किया कि उन्होंने इनेलो नेताओं से दो बार मुलाकात की थी और समर्थन मांगा था, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
उन्होंने आगे कहा कि अब जनता को अभय चौटाला से सवाल पूछना चाहिए कि आखिर उन्होंने उन्हें वोट क्यों नहीं दिया। नांदल के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
भविष्य की रणनीति को लेकर सतीश नांदल ने बड़ा संकेत देते हुए कहा कि वह दोबारा भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले भी भाजपा से जुड़े रहे हैं और आगामी समय में फिर से पार्टी जॉइन करने पर विचार कर रहे हैं।
अंत में नांदल ने चुनाव में भाग लेने वाले सभी विधायकों का धन्यवाद किया और कहा कि लोकतंत्र में हर प्रतिनिधि की भूमिका अहम होती है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं और आने वाले दिनों में इस मामले पर और हलचल देखने को मिल सकती है।





