
करनाल। हरियाणा के करनाल बस स्टैंड पर शुक्रवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खड़ी हरियाणा रोडवेज की तीन बसों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में तीनों बसें पूरी तरह उसकी चपेट में आ गईं। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब साढ़े 11 बजे बस स्टैंड पर खड़ी बसों में अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि यह घटना इतनी बड़ी आग में तब्दील हो जाएगी, लेकिन देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास खड़ी अन्य गाड़ियों को भी खतरा पैदा हो गया। मौके पर मौजूद रोडवेज कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए पास खड़ी अन्य गाड़ियों को तुरंत वहां से हटवाया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक तीनों बसें बुरी तरह जल चुकी थीं और उनमें भारी नुकसान हो चुका था। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। रोडवेज विभाग के सुपरवाइजर सुशील कुमार ने बताया कि वह रात को ड्यूटी पर मौजूद थे और अपने कमरे में थे। इसी दौरान एक कर्मचारी ने आकर उन्हें बस में आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलते ही वह तुरंत मौके पर पहुंचे और आसपास खड़ी गाड़ियों को हटवाने का काम शुरू कराया। उन्होंने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि तीनों बसें उसकी चपेट में आ गईं।
सुशील कुमार के मुताबिक, फिलहाल आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट ही मानी जा रही है, लेकिन विभाग द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से कारणों का पता चल पाएगा।
इस घटना के बाद बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। गौरतलब है कि बस स्टैंड पर 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी रहती है, इसके बावजूद इतनी बड़ी घटना हो जाना चिंताजनक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते धुआं उठने पर तुरंत कार्रवाई की जाती, तो शायद नुकसान को कम किया जा सकता था।
वहीं, इस हादसे ने करनाल की परिवहन व्यवस्था पर भी असर डालने की आशंका बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, करनाल रोडवेज के बेड़े में फिलहाल करीब 120 बसें हैं, जबकि जिले में अभी भी 40 से ज्यादा बसों की आवश्यकता बनी हुई है। ऐसे में तीन बसों का जल जाना रोडवेज विभाग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
फिलहाल प्रशासन और रोडवेज विभाग पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुटे हैं। आग लगने के कारणों की पड़ताल के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।





