चंडीगढ़। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने गेहूं खरीद केंद्र शुरू करने और किसानों को फसल बेचने में आ रही समस्याओं को लेकर शनिवार को राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने लोकआवास पर महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर किसानों की परेशानियों से अवगत कराया।
इस प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे, जिनमें राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. सम्पत सिंह, प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा, किसान प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष फूल सिंह मंजूरा, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरएस चौधरी, प्रधान महासचिव प्रकाश भारती, पूर्व मंत्री वासुदेव शर्मा, विधायक आदित्य देवीलाल, विधायक अर्जुन चौटाला सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
मीडिया से बातचीत करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि सरकार ने गेहूं खरीद प्रक्रिया को जटिल बना दिया है। ट्रैक्टर-ट्राली का नंबर दर्ज कराने, मंडी में गेट पास लेने, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराने और तीन नॉमिनी अनिवार्य करने जैसी शर्तें किसानों के लिए परेशानी खड़ी कर रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले कभी ऐसी शर्तें नहीं थीं, फिर अब इन्हें क्यों लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि मंडियों में गेट पास का समय सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक सीमित करना भी किसानों के हित में नहीं है। फसल की कटाई अक्सर रात में होती है और किसान रात के समय ही मंडियों में पहुंचते हैं। ऐसे में गेट पास की व्यवस्था 24 घंटे होनी चाहिए। इसके अलावा बैलगाड़ी, ऊंटगाड़ी और अन्य पारंपरिक साधनों से फसल लाने वाले किसानों के लिए कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है।
अभय चौटाला ने बताया कि 12 मार्च को नायब सिंह सैनी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि खरीद केंद्र बंद नहीं किए जाएंगे और लाइसेंस रिन्यू किए जाएंगे, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसी कारण पार्टी को राज्यपाल के पास जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने उनकी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत करने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि नायब सिंह सैनी केवल “डमी सीएम” हैं और उन्हें सिर्फ चेहरा दिखाने के लिए रखा गया है। यदि वे वास्तव में मुख्यमंत्री होते तो अपने दिए आश्वासन पर अमल कर चुके होते। उन्होंने चेतावनी दी कि 1 अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होनी है, ऐसे में यदि खरीद केंद्र स्थापित नहीं किए गए तो किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
अभय चौटाला ने यह भी घोषणा की कि इनेलो 30 मार्च को पानीपत में बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगी। पार्टी मंडियों में “किसान कष्ट निवारण केंद्र” स्थापित करेगी, जहां किसान अपनी समस्याएं लेकर आ सकेंगे। इन केंद्रों के माध्यम से अधिकारियों से संपर्क कर समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा।
उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी खरीद केंद्रों पर किसानों के बैठने के लिए टेंट, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो इनेलो बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी।
वहीं, मुख्यमंत्री के प्रदेश में गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की कमी न होने के बयान पर भी अभय चौटाला ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत इससे अलग है और कई जगह गैस के लिए लंबी लाइनें लगी हैं, जबकि पेट्रोल पंप खाली होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।






