हरियाणा में मुख्यमंत्री हरियाणा समान शिक्षा राहत, सहायता एवं अनुदान (चिराग) योजना में बदलाव किया गया है। इस योजना के तहत अब केवल वहीं बच्चे मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में पढ़ सकेंगे जिनके परिवार की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रूपये से कम है।
चिराग योजना का दायरा हुआ कम
इससे पहले हरियाणा शिक्षा विभाग ने जनवरी में आठ लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दिलाने का निर्णय लिया था, लेकिन अब इस फैसले को वापस ले लिया गया है। शिक्षा विभाग के चिराग योजना के अंतर्गत नए शैक्षणिक सत्र के लिए 1108 मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में कुल 47 हजार 255 सीटें चिह्नित की हैं, जिन पर छठी से बारहवीं तक के छात्रों को दाखिले दिए जाने हैं।
चिराग योजना के तहत 47,250 सीटें निर्धारित
चिराग योजना के तहत छठी के कक्षा के लिए 7340, सातवीं के लिए 7146, आठवीं के लिए 7186, नौवीं के लिए 7168 और दसवीं की 6863 सीटें शामिल हैं। इसी तरह ग्यारहवीं में 5829 तथा बारहवीं में 5723 सीटों पर एडमिशन किए जायेंगे। ऐसे में कुल मिलाकर 47,250 सीटें निर्धारित हैं।
एडमिशन के लिए पहचान पत्र अनिवार्य
एडमिशन के लिए परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) अनिवार्य कर दिया है। इसमें दर्ज सत्यापित आय को ही आधार माना जाएगा। मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नए नियमों के अनुसार पात्र बच्चों को ही लाभ दिलाएं।
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हाईलाइट्स
- हरियाणा में चिराग योजना के नियमों में बड़ा बदलाव
- अब 1.80 लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों के बच्चों को ही मिलेगा लाभ
- पहले 8 लाख आय सीमा तक के बच्चों को देने का फैसला हुआ था, अब वापस
- चिराग योजना का दायरा हुआ सीमित
- नए सत्र के लिए 1108 प्राइवेट स्कूलों में दाखिले की तैयारी
- कुल 47,250 सीटों पर कक्षा 6 से 12 तक एडमिशन
- कक्षा 6 से 12 तक अलग-अलग सीटों का निर्धारण
- एडमिशन के लिए परिवार पहचान पत्र (PPP) अनिवार्य
- सत्यापित आय के आधार पर ही मिलेगा योजना का लाभ
- शिक्षा विभाग ने जिला अधिकारियों को दिए निर्देश






