हरियाणा के झज्जर के रहने वाले प्रयागराज महाकुंभ में प्रसिद्ध हुए IIT बाबा अभय सिंह ने अब सन्यासी जीवन को छोड़कर अपने गृहस्थ जीवन की शुरूआत कर ली है। शादी के बंधन में बंधे अभय सिंह हाल ही में अपने पैतृक निवास झज्जर में पहुंचे। 15 फरवरी को महाशिवरात्री के दिन उन्होंने हिमाचल प्रदेश स्थित अघंजर महादेव मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों से कर्नाटक की इंजीनियर प्रतीका के साथ विवाह किया। इसके बाद 19 फरवरी को उन्होंने कोर्ट मैरिज भी की। शादी के बाद पहली बार दोनों सार्वजनिक रूप से साथ में नजर आए।
परिवार और स्थानीय लोगों ने किया गर्मजोशी के साथ स्वागत
झज्जर पहुंचने पर परिवार और स्थानीय लोगों ने मिलकर अभय सिंह और उनकी पत्नी प्रतीका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इसके बाद दोनों अपने पैतृक गांव सासरौली पहुंचे,जहां पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के साथ सभी रस्में निभाई गईं। नव दंपत्ति ने मंदिर में परिवार के साथ मिलकर पूजा अर्चना की।
कौन हैं IIT बाबा अभय सिंह की पत्नी प्रतीका
अभय सिंह की पत्नी प्रतीका कर्नाटक की रहने वाली हैं और पेशे से वो भी उनकी तरह ही इंजीनियर हैं। एक साल पहले दोनों की मुलाकात हुई थी। प्रतीका ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि मुझे उनका स्वभाव बहुत पसंद आया। धीरे-धीरे हमने शादी का निर्णय लिया। हम अब अपने सास-ससुर से मिलने झज्जर आए हैं। हम आगे सनातन यूनिवर्सिटी बनाने का विचार कर रहे हैं।
महाकुंभ में क्यों प्रसिद्ध हुए थे अभय सिंह
अभय सिंह का जन्म हरियाणा के झज्जर जिले में हुआ था। अभय. सिंह ने अपनी शुरुआती पढ़ाई हरियाणा में पूरी की है। 12वीं के बाद उन्होंने आईआईटी जेईई की तैयारी की। साल 2008 में अभय सिंह ने आईआईटी जेईई में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 731 हासिल की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी बॉम्बे के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया था। कनाडा में एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनी में काम किया। लॉकडाउन लगने के बाद वो भारत लौट आए। दावा किया गया कि वो 35 लाख रुपए की सालाना की सैलरी छोड़कर चले आए थे।
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इसके बाद उन्होंने वैराग्य जीवन को चुना। प्रयागराज के महाकुंभ में भाग लेने के बाद उन्हें प्रसिद्धी प्राप्त हुई। जूना अखाड़ा से जुड़े होने और आईआईटी बैकग्राउंड की वजह से उनको आईआईटी बाबा के नाम से पहचान मिली। मीडिया इंटरव्यू में दिए उनके कई बयानों ने भी उन्हें सुर्खियों में ला दिया। अभय सिंह के पिता कर्ण सिंह पेशे से वकील हैं और उनकी मां गृहिणी हैं।
हाइलाइट्स
- अभय सिंह ने सन्यासी जीवन छोड़कर गृहस्थ जीवन अपनाया
- प्रतीका के साथ 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर शादी
- अघंजर महादेव मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों से हुआ विवाह
- 19 फरवरी को दोनों ने कोर्ट मैरिज भी की
- शादी के बाद पहली बार झज्जर पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत
- पैतृक गांव सासरौली में पारंपरिक रस्में निभाई गईं
- दोनों ने परिवार के साथ मंदिर में पूजा-अर्चना की
- प्रतीका भी पेशे से इंजीनियर, एक साल पहले हुई थी मुलाकात
- भविष्य में “सनातन यूनिवर्सिटी” बनाने का प्लान
- प्रयागराज महाकुंभ में शामिल होने के बाद अभय सिंह हुए थे प्रसिद्ध
- IIT Bombay से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई
- 35 लाख सालाना पैकेज छोड़कर चुना था वैराग्य जीवन
- जूना अखाड़ा से जुड़ाव और IIT बैकग्राउंड से मिला “IIT बाबा” नाम
- परिवार में पिता वकील और मां गृहिणी हैं






