किसानों को निर्बाध और सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए हरियाणा सरकार ने 3 पावर कंपनियों का गठन किया है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के साथ-साथ अब तीसरी कंपनी हरियाणा एग्री डिस्कॉम का गठन किया गया है। इस संबंध में हरियाणा सरकार ने सोमवार को अधिसूचना जारी कर दी है।
10 पैसे प्रति यूनिट की दर से सस्ती बिजली
वर्तमान में प्रदेश सरकार 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने जा रही है। हर साल किसानों को सब्सिडी के रूप में तकरीबन सात हजार करोड़ रुपये प्रदान किए जाते हैं, जिसमें कमी लाना तीसरी बिजली कंपनी के प्रमुख कार्यों का एक बड़ा हिस्सा है। ऊर्जा विभाग के द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार तीसरा बिजली वितरण निगम बनने से विशेष रूप से कृषि उपभोक्ताओं को बिना किसी परेशानी के बिजली सेवाएं मिल सकेंगी। सैनी सरकार का मानना है कि कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए किसानों को सब्सिडी वाली, गुणवत्तापूर्ण और अब ग्रीन (सौर) ऊर्जा उपलब्ध करवाना जरूरी हो गया है।
किस बिजली कंपनी के कितने उपभोक्ता
उत्तर हरियाणा विजली वितरण निगम की ओर से 10 और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से फिलहाल 13 जिलों में बिजली की आपूर्ति हो रही है। जनवरी 2026 के आंकड़ों की माने तो उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के 3 लाख 54 हजार 502 कृषि उपभोक्ता, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 3 लाख 62 हजार 712 कृषि उपभोक्ता, कुल 7 लाख 17 हजार 214 कृषि उपभोक्ता नए हरियाणा एग्री डिस्काम में स्थानांतरित होंगे।
नई कंपनी के गठन से कामकाज में आएगा बदलाव
नई कंपनी का गठन होने से निगम के कामकाज में बदलाव आएगा। 159 बिजली समझौते तीन बिजली कंपनियों में बंट गए हैं। सस्ती बिजली पहले कृषि डिस्काम को दी जाएगी। कृषि श्रेणी से जुड़े 166.82 करोड़ रुपये के बकाया नई तीसरी बिजली कंपनी में ट्रांसफर होंगे। 5,427 करोड़ रुपये की देनदारियां भी हस्तांरित होगी। वहीं NM XINTTN CTT ट्यूबवेल कनेक्शन भी जारी करेगी कंपनी नया हरियाणा एग्री डिस्काम पूरे राज्य में कृषि फीडरो और उपभोक्ताओ को संभालेगा।
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नए नलकूप कनेक्शन जारी करने, ट्रांसफार्मर बदलने और बिजली सप्लाई में वेजी आएगी किसानों को निर्बाध और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगा इससे हरियाणा पर सब्सिडी का बोझ भी कम करने का लक्ष्य रहेगा।
3,100 से 3,600 कर्मचारियों की जरूरत
इसमें 3,100 से 3,600 कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी। इनमें इंजीनियर, ओ. एंड एम. स्टाफ और प्रशासनिक कर्मी शामिल हैं।
कर्मचारियों को मौजूदा बिजली कम्पनियों से ट्रांसफर किया जाएगा।
हाइलाइट्स
- हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए 3 बिजली कंपनियों का गठन किया
- नई कंपनी हरियाणा एग्री डिस्कॉम करेगी कृषि बिजली सप्लाई
- किसानों को सिर्फ 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से मिलेगी सस्ती बिजली
- हर साल दी जाने वाली 7000 करोड़ रुपये की सब्सिडी में कमी लाने का लक्ष्य
- करीब 7.17 लाख कृषि उपभोक्ता नए एग्री डिस्कॉम में ट्रांसफर होंगे
- उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली निगम से उपभोक्ताओं का होगा स्थानांतरण
- 5427 करोड़ रुपये की देनदारियां नई कंपनी को सौंपी जाएंगी
- 166.82 करोड़ रुपये के बकाया भी होंगे ट्रांसफर
- किसानों को निर्बाध, भरोसेमंद और ग्रीन (सौर) ऊर्जा देने पर जोर
- ट्यूबवेल कनेक्शन, ट्रांसफार्मर बदलने और सप्लाई में आएगी तेजी
- नई कंपनी में 3100 से 3600 कर्मचारियों की होगी जरूरत






