विकसित भारत 2047 की नींव हैं शिक्षक, शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में बोले महिपाल ढांडा

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Haryana Education Minister Mahipal Dhanda attended the conference of education ministers: हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य की शिक्षा नीति और भविष्य की योजनाओं का खाका पेश किया। 22 और 23 जुलाई को भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम, पूसा में आयोजित इस सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की। सम्मेलन में केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा के साथ देशभर में स्कूल शिक्षा को मजबूत बनाने से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।

‘शिक्षक ही विकसित भारत 2047 के असली निर्माता’

महिपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा के शिक्षकों की क्षमता, समर्पण और दक्षता पर उन्हें पूरा भरोसा है। उन्होंने शिक्षकों को राज्य की शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि वही ‘विकसित भारत 2047’ के वास्तविक निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, बल्कि बच्चों में अनुशासन, नैतिक मूल्य, आत्मविश्वास और जीवन जीने की सही सोच विकसित करते हैं।

सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है शिक्षा

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबों का ज्ञान देना या बौद्धिक विकास करना नहीं है। वास्तविक शिक्षा वही है जो बच्चों के चरित्र, नैतिक मूल्यों, आत्मविश्वास और भावनात्मक समझ को मजबूत बनाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित कर रही है, जिसमें प्रत्येक बच्चे को उसकी रुचि और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का समान अवसर मिले।

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स्कूल बन रहे हैं प्रतिभा निखारने के केंद्र

महिपाल ढांडा ने कहा कि राज्य सरकार स्कूलों को केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि ऐसे संस्थान के रूप में विकसित कर रही है जहां बच्चों की प्रतिभा, सपनों और व्यक्तित्व का समग्र विकास हो सके।

FLN और स्किल एजुकेशन पर विशेष फोकस

उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार Foundational Literacy and Numeracy (FLN) को मजबूत करने और छात्रों के सीखने के स्तर में सुधार पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके साथ ही छात्रों में कौशल विकास और उद्यमिता की भावना विकसित करने के लिए व्यावहारिक एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रम लागू किए जा रहे हैं। खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए आधुनिक खेल सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

टीचर ट्रेनिंग को और आधुनिक बनाने का सुझाव

शिक्षा मंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षकों के ज्ञान और कौशल को लगातार अपडेट करना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षक प्रशिक्षण को आईटीआई, आईआईएम, आईआईएमटी और सीएसआईआर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और शोध आधारित तकनीकों का प्रशिक्षण मिल सके। उन्होंने कहा कि मजबूत शिक्षक ही मजबूत राष्ट्र की नींव रखते हैं और हरियाणा इस दिशा में लगातार काम कर रहा है।

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