How to claim a UPI refund: इन दिनों ऑनलाइन लेन-देन का इस्तेमाल किया जाता है। जुलाई 2026 में भारत में रिकॉर्ड 23.66 अरब यूपीआई लेनदेन दर्ज किए गए। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन बहुत ही सरल और सहज होता है लेकिन कभी-कभी नेटवर्क संबंधी समस्याओं और तकनीकी गड़बड़ियों के कारण यूपीआई उपयोगकर्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कभी असफल लेनेदेन के लिए पैस कट जाते हैं या कभी-कभी एक ही पेमेंट के लिए खाते से दो बार पैसे कट जाता है। आज हम आपको इस लेख में बतायेंगे कि ऐसे मामलों में अपना पैसा वापस लेने के लिए क्या करें।
अगर दो बार पैसे कट जायें तो क्या करें
ऐसे मामलों में, सबसे पहले लेन-देन की स्थिति की जांच करें और दोनों भुगतानों की लेन-देन आईडी और 12 अंकों का आरआरएन नंबर नोट कर लें और इन्हें एक अलग टेक्स्ट फ़ाइल में एन्क्रिप्ट लें। इसके अलावा, यह भी जांच लें कि दोनों भुगतान सफल हुए हैं या किसी एक का स्टेटस ग्राफ है या असफल है। स्क्रीनशॉट और भुगतान संबंधी जानकारी एन्क्रिप्ट लें।
अगर लेन-देन विफल हो जाता है तो क्या करें
आरबीआई के नियमों के अनुसार, यदि आपके खाते से राशि कट गई है लेकिन लाभार्थी के खाते में जमा नहीं हुई है, तो निर्धारित समय के भीतर राशि स्वतः वापस कर दी जाती है, और उपयोगकर्ताओं को केवल प्रतीक्षा करने की आवश्यकता होती है। हालांकि, यदि भुगतान दो बार सफलतापूर्वक हो चुका है, तो वापसी में अधिक समय लग सकता है क्योंकि इसकी पुष्टि एक अलग प्रक्रिया के तहत की जाती है।
दो बार पैसा मिल जाए तो क्या होगा?
यदि दोनों लेन-देन सफल रहे और लाभार्थी के खाते में दो बार राशि जमा हो गई, तो धनवापसी की प्रक्रिया अलग हो सकती है और पैसा स्वचालित रूप से वापस नहीं किया जाएगा। इस स्थिति में, उपयोगकर्ता को यूपीआई ऐप या बैंक के माध्यम से शिकायत दर्ज करनी होगी और व्यापारी, बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता के माध्यम से धनवापसी प्रक्रिया शुरू करनी पड़ सकती है।
पंजाब के फरीदकोट में ‘नशा-मुक्त युवा’ अभियान में शामिल हुए CM नायब सैनी
यूपीआई रिफंड क्लेम कैसे फाइल करें?
भुगतान करने वाले व्यक्ति को उसी यूपीआई ऐप में शिकायत दर्ज करनी होगी जिससे भुगतान किया गया था। यदि आवश्यक हो तो अपने बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करना होगा। शिकायत दर्ज करते समय, उपयोगकर्ता को उस लेनदेन की मुख्य जानकारी देनी होगी जिसके लिए वे रिफंड मांग रहे हैं, जिसमें लेनदेन आईडी, आरआरएन नंबर, तारीख, राशि और व्यापारी का विवरण शामिल है। दुर्लभ मामलों में, जब यूपीआई सेवा प्रदाता रिफंड देने में असमर्थ होता है, तो बैंक विवाद प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
यूपीआई रिफंड क्लेम करते समय धोखाधड़ी से कैसे बचें?
अपना यूपीआई पिन, ओटीपी या बैंकिंग जानकारी कभी भी किसी ऐसे व्यक्ति के साथ शेयर न करें जो आपके लिए यूपीआई रिफंड प्रोसेस करने का दावा करता हो, क्योंकि रिफंड पाने के लिए इनकी आवश्यकता नहीं होती है। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर क्यूआर कोड स्कैन न करें। इससे आपके साथ धोखाधड़ी हो सकती है।





