CM सैनी ने विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए एसएलसी की बैठक की अध्यक्षता की

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CM Saini chairs SLC meeting to review development plans: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में राज्य स्तरीय समिति (एसएलसी) की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में  नारायणगढ़-2031, कुरुक्षेत्र-2041, नारनौल-2041 और पानीपत-2041 के लिए विकास योजनाओं के मसौदे पर विचार किया गया। नगर एवं ग्रामीण योजना विभाग द्वारा तैयार की गई इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य भर में नियोजित भूमि उपयोग, व्यवस्थित शहरी विकास और विनियमित भवन निर्माण को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी शहरी विकास योजनाओं को विकसित भारत-2047 की परिकल्पना के अनुरूप बनाएं, यह सुनिश्चित करते हुए कि भविष्य की योजना में अनुमानित जनसंख्या वृद्धि, आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे की आवश्यकताओं, पर्यावरणीय स्थिरता, कुशल परिवहन प्रणालियों और संतुलित शहरी विस्तार को पर्याप्त रूप से संबोधित किया जाए।

नागरिक सुविधाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान किए जाएं 

मुख्यमंभी ने बैठक के दौरान निर्देश दिया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, जल उपचार सुविधाएं, बिजली के बुनियादी ढांचे, मनोरंजन क्षेत्रों और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान किए जाएं ताकि भविष्य में निवासियों को बुनियादी सेवाओं की कमी का सामना न करना पड़े। 

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विकास योजना को 2031 तक अनुमानित 95,000 की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया

मुख्यमंत्री को यह जानकारी दी गई कि नारायणगढ़ के विकास योजना को 2031 तक अनुमानित 95,000 की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव में छह आवासीय क्षेत्रों के विकास की परिकल्पना की गई है और इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग-72 से उत्पन्न होने वाले विकास के अवसरों, औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार, प्राकृतिक जल निकासी प्रणाली के संरक्षण और हरित क्षेत्रों के निर्माण को ध्यान में रखा गया है।  मुख्यमंत्री सैनी ने निर्देश दिया कि निवासियों के लिए स्वस्थ और सुविधाजनक जीवन वातावरण सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखी जाए। कुरुक्षेत्र के लिए मसौदा योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जिले का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भविष्य के विकास के केंद्र में रहना चाहिए।

 

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