पंजाब वृक्ष संरक्षण विधेयक 2026 के तहत मंजूरी अनिवार्य, नए पेड़ लगाने होंगे

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Punjab Tree Protection Bill 2026:  पंजाब सरकार ने वृक्षों की कटाई के संबंध में नए नियम बनाए हैं। वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री श्री लाल चंद कटारुचक ने कहा कि ‘पंजाब वृक्ष संरक्षण विधेयक, 2026’ का मुख्य उद्देश्य राज्य में हरियाली वाले क्षेत्र को बढ़ाना, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना और वृक्षों की कटाई एवं रोपण की प्रक्रिया को विनियमित करना है।

शहरी क्षेत्रों में पेड़ काटने के लिए अनुमति है आवश्यक

पंजाब विधानसभा के हालिया मानसून सत्र में पारित प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में बिना अनुमति के कोई भी व्यक्ति पेड़ नहीं काट सकेगा। प्रत्येक क्षेत्र में एक नामित ‘वृक्ष अधिकारी’ होगा, जिससे पेड़ काटने से पहले अनुमति लेनी होगी। यह कानून राज्य के नगर निकायों और अन्य शहरी इकाइयों पर लागू होगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। 

किन पेड़ों को काटने की अनुमति होगी?

इस विधेयक के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में केवल मृत या प्राकृतिक रूप से गिरे हुए पेड़ों को ही काटने की अनुमति होगी। यदि कोई पेड़ किसी व्यक्ति या संपत्ति के लिए खतरा पैदा कर रहा है, तो प्राधिकरण उसे काटने की अनुमति देने से इनकार नहीं कर सकता। वृक्ष अधिकारी को सामान्य आवेदन पर 30 दिनों के भीतर निर्णय लेना होगा, जबकि मृत वृक्ष के मामले में 7 दिनों के भीतर निर्णय लेना होगा। निर्णय के कारणों को भी दर्ज करना होगा।

पेड़ों को काटने के बाद नए पौधे लगाने होंगे

इस विधेयक का एक महत्वपूर्ण प्रावधान वृक्षारोपण से संबंधित है। वृक्ष काटने की अनुमति प्राप्त करने वाले व्यक्ति को काटे गए प्रत्येक वृक्ष के बदले दो नए वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने होंगे।

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नए पौधे अधिमानतः उसी क्षेत्र में लगाए जाएंगे। यदि वहां भूमि उपलब्ध नहीं है, तो वृक्ष अधिकारी किसी अन्य स्थान पर पौधे लगाने की अनुमति दे सकते हैं या नियमों के अनुसार सरकारी कोष में राशि जमा करने की अनुमति दे सकते हैं। पौधों को तीन महीने के भीतर लगाना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

अवैध रूप से पेड़ काटने पर जुर्माना

इस विधेयक में बिना अनुमति के पेड़ काटने वालों के लिए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। पहले उल्लंघन पर 10,000 रुपये का जुर्माना, दूसरी बार उल्लंघन करने पर 35,000 रुपये का जुर्माना, तीसरी बार उल्लंघन करने पर 50,000 रुपये का जुर्माना। वृक्ष अधिकारी की अनुमति के बिना वृक्ष काटने पर प्रति वृक्ष 10,000 रुपये तक का पर्यावरणीय मुआवजा दिया जाएगा। जिन मामलों में पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है, उनमें संबंधित एजेंसी को पेड़ काटने के 24 घंटे के भीतर वृक्ष अधिकारी को सूचित करना होगा।

पंजाब वृक्ष संरक्षण विधेयक क्यों लाया गया?

मंत्री लाल चंद कटारुचक के अनुसार, इस विधेयक का उद्देश्य पंजाब में हरियाली की रक्षा और उसे बढ़ावा देना है। इससे पर्यावरण प्रदूषण को रोकने, मिट्टी के संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना ​​है कि पेड़ों की कटाई को विनियमित करने और काटे गए प्रत्येक पेड़ के स्थान पर नए पेड़ लगाने से शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ेगी। 

छावनी और रक्षा संस्थानों को छूट

इस विधेयक के तहत, सशस्त्र बलों की परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए छावनी क्षेत्रों (कैंट), सैन्य स्टेशनों, वायुसेना स्टेशनों और रक्षा प्रतिष्ठानों में स्थित पेड़ों को इस कानून से छूट दी गई है।

 

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