CM Mann’s statement amidst the Punjab mega-strike: आज पंजाब भर में सरकारी कर्मचारियों की आम हड़ताल चल रही है, जिसके चलते सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों की ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी। इस हड़ताल में लगभग 3 लाख सरकारी कर्मचारी और 35 लाख पेंशनभोगी शामिल हो रहे हैं। आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी सरकारी कामकाज ठप्प रहेंगे।
पंजाब सरकार पर लगभग 15,000 करोड़ रुपये का महंगाई भत्ता बकाया
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में महंगाई भत्ता (डीए) की बकाया राशि का भुगतान, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा मध्याह्न भोजन कार्यकर्ताओं का नियमितीकरण शामिल है। कर्मचारी संघ के अध्यक्षों के अनुसार, पंजाब सरकार पर लगभग 15,000 करोड़ रुपये का महंगाई भत्ता बकाया है। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने 3 अगस्त को सरकार को 15 दिनों के भीतर महंगाई भत्ता (डीए) की बकाया राशि का भुगतान करने का आदेश दिया था।
बातचीत तभी संभव होगी जब हड़ताल समाप्त हो जाएगी
महा हड़ताल के बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कर्मचारियों को एक बड़ा संदेश देते हुए कहा, “कर्मचारी हमारे परिवार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और हम उनकी हर जायज चिंता को सुनने के लिए तैयार हैं, लेकिन बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं चल सकतीं।”
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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से ले रही है और हर मुद्दे को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन ये बातचीत तभी संभव होगी जब हड़ताल समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि “सरकार कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर गंभीर है, लेकिन विरोध प्रदर्शन और बातचीत एक साथ नहीं हो सकते।”
मुख्यमंत्री ने हड़ताल पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत है और उन्हें आश्वासन दिया कि हर मुद्दे का जल्द ही समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यूनियनों से हड़ताल खत्म करने की अपील की ताकि सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा की जा सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, बशर्ते संवाद के लिए अनुकूल वातावरण बनाया जाए।
हड़ताल की स्थिति
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की मुख्य मांगों में महंगाई भत्ता (डीए) के बकाया का भुगतान, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा मध्याह्न भोजन कार्यकर्ताओं का नियमितीकरण शामिल है।






