Special campaign launched in Haryana to tag every stray animal: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आवारा पशुओं को पकड़ने और प्रत्येक पशु पर टैग लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि पशुओं की उचित पहचान से जिम्मेदारी तय करना और यदि किसी घर या गौशाला का पशु बाहर घूमता हुआ पाया जाता है तो संबंधित मालिक के खिलाफ कार्रवाई करना संभव होगा।
बुधवार को हरियाणा गौ सेवा आयोग और पशुपालन विभाग की बैठक श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई। हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित थे। बैठक में राज्य में आवारा पशुओं की समस्या, गौशालाओं का प्रबंधन, गौ अभ्यरण, नस्ल सुधार और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उपायों सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। पशुपालन विभाग के अधिकारियों और हरियाणा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री रामचंद कंबोज ने भी आवारा पशुओं और गौशालाओं में रखे गए पशुओं के बारे में अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को राज्यव्यापी अभियान चलाने का निर्देश दिया ताकि प्रत्येक पशु पर टैग लगाना सुनिश्चित किया जा सके। शहरी स्थानीय निकायों द्वारा पकड़े गए पशुओं को गौशालाओं को सौंपते समय भी टैग लगाना अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि प्रत्येक पशु की सही पहचान हो सके।
मवेशियों को खुले में छोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी
मुख्यमंत्री को इस बात की जानकारी दी गई कि कुछ पशुपालक सुबह-शाम अपने पशुओं का दूध निकालने के बाद उन्हें खुले में चरने के लिए छोड़ देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप ऐसे पशु सड़कों पर लावारिस पाए जाते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे पशुपालकों को जिम्मेदार ठहराने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि पहली बार किसी जानवर को पकड़े जाने पर 11,000 रुपये का जुर्माना, दूसरी बार पकड़े जाने पर 21,000 रुपये का जुर्माना लगाने और तीसरी बार पकड़े जाने पर एफआईआर दर्ज करने का प्रावधान किया जाए।
इस बात पर भी चर्चा हुई कि ऐसे पशुपालकों को उनके पशुओं के लिए सरकार द्वारा प्रदत्त लाभों से वंचित किया जा सकता है, जिनमें टीकाकरण और बीमा प्रीमियम सहायता शामिल हैं, साथ ही उनके नाम नकारात्मक सूची में डाले जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पकड़े गए पशुओं को निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए बिना वापस नहीं लौटाया जाना चाहिए।
आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए जिलावार निविदाएं जारी की जाएंगी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य भर में जिलावार निविदाएं जारी की जाएं ताकि आवारा पशुओं को पकड़ा जा सके और विशेष अभियान को प्रभावी ढंग से चलाया जा सके। अधिकारियों को पशु अभयारण्यों में उचित व्यवस्था करने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां उपयुक्त बाड़ लगाई जानी चाहिए।पशुओं को रखने वाले क्षेत्र के चारों ओर एक चारदीवारी का निर्माण किया जाना चाहिए, जबकि शेष भूमि पर हरा चारा उगाया जाना चाहिए। पशु अभयारण्यों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर ध्यान केंद्रित करें
बैठक में गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने, पशुओं की बेहतर देखभाल, नस्ल सुधार और गौशालाओं में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने गौशालाओं को मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा गौ सेवा आयोग को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए और गौशालाओं के साथ समन्वय बनाए रखना चाहिए। बैठक में बताया गया कि राज्य में वर्तमान में 707 गौशालाएं पंजीकृत हैं, जिनमें लगभग चार लाख पशु रखे जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने आवारा कुत्तों के खतरे को रोकने के लिए योजना का निर्देश दिया
राज्य में आवारा कुत्तों की समस्या का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसके प्रभावी समाधान के लिए योजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग और पशुपालन विभाग को संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार समन्वय में कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त और सचिव श्री अशोक मीना, पशुपालन विभाग के महानिदेशक डॉ. प्रेम सिंह और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।






