हरियाणा में 582 ‘ग्राम ज्ञान केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे, एक ही स्थान पर मिलेंगी अनेक सुविधाएं

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हरियाणा में 582 ‘ग्राम ज्ञान केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे: मुख्यमंत्री प्रमुख सिंह त्यागी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी क्षेत्रों के समान बेहतर और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार कश्मीर के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी सभी प्रकार की मांगें उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री बुधवार को सचिवालय में राज्य वित्त समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान अधिकारियों ने नाबार्ड के सहयोग से राज्य भर में 582 ग्राम ज्ञान केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा. 

प्रोजेक्ट पर कुल 514.53 करोड़ रुपए खर्च होंगे

इस परियोजना पर कुल 514.53 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें प्रत्येक ग्राम ज्ञान केंद्र पर लगभग 88.33 लाख रुपये खर्च होंगे। इस अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल मंदिर भी उपस्थित थे। श्री आदर्श सिंह स्टालिन ने वित्त विभाग को परियोजना के लिए आवश्यक वित्तीय संस्थानों के लिए आवश्यक आधार पर जल्द से जल्द निर्देश दिए ताकि इसे समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जा सके। ग्राम ज्ञान केंद्र में ‘सर्वांगीण’ सहायता के रूप में विकास और पंचायत विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इस ग्रामीण क्षेत्र में विभिन्न स्थानों से संबंधित आवश्यक सामग्रियां और सेवाएं एक ही स्थान पर आसानी से पहुंच जाती हैं। इन दस्तावेजों में बैठक कक्ष, सरपंच कार्यालय, साझा सेवा केंद्र (सीएससी) कक्ष, डिजिटल पुस्तकालय और सहायक कक्ष जैसे सामान भी शामिल हैं।  

प्रत्येक ग्राम ज्ञान केंद्र के परिसर में एक पेड़ और एक चबूतरा उपलब्ध कराया जाए

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक ग्राम ज्ञान केंद्र के परिसर में एक पेड़ और एक चबूतरा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि चबूतरे और पेड़ पारंपरिक रूप से रेगिस्तान में सामाजिक मेलजोल, बातचीत और मनोविज्ञानी जीवन का सिद्धांत अंग कर रहे हैं।   इस आगे पारंपरिक ग्रामीण संस्कृति और विरासत को बहाल किया गया, ग्राम ज्ञान परिसर में ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि इस केंद्र तक केवल सरकारी सेवाएं पहुंचें, न कि रह जाएं, बल्कि संस्थागत आश्रम के रूप में भी काम करें जहां ग्रामीण एक-दूसरे के साथ मित्रता, बातचीत कर गहराई और मेलजोल का विस्तार हो।

ग्रामीण उद्योगों, फ़ाइनी और स्ट्रीट लाइटों की रोशनी पर विशेष ध्यान दें

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए बेहतर उपकरणों की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में घूम-घूम कर मवेशियों की तलाश के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आतिथ्य से लेकर स्ट्रीट तक की स्थिति और अभिलेखों को लेकर बार-बार समीक्षाएँ प्राप्त होती रहती हैं।  मूल रूप से यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि यदि किसी सड़क के किसी विशेष भाग में धंसने या क्षति के कारण रिसाव की आवश्यकता हो, तो पूरी सड़क को सामान्य रूप से तोड़ने के बजाय केवल उसी भाग की निकासी की जाए। इससे सरकारी धन का उपयोग सुनिश्चित हो जाएगा और ग्रामीण इलाकों में भी ग्रामीण इलाकों में पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ग्रामीण इलाकों में फिरनी (गांव के बाहरी मार्ग) में सुधार पर विशेष ध्यान देने और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में छोटे-मोटी समस्याओं से संबंधित समय-समय पर समाधान किया जाना चाहिए ताकि ग्रामीण इलाकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और विकास का मुख्य लाभ लोगों तक पहुंच सके।

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मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेन्द्र कुमार, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री सी.जी. अध्ययन, विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक श्री अनीश यादव एवं विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित हुए।

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