पंजाब में ‘स्माइल स्कीम’ भीख मांगने मुक्ति पाकर एक गरिमापूर्ण जीवन जीने की नई उम्मीद बनी

SHARE:

SMILE Scheme:  सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मार्च 2026 से अमृतसर में चल रहे सर्वेक्षण में अब तक भीख मांगने में लिप्त 422 लोगों की पहचान की गई है। इनमें से 32 लोगों का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया जा चुका है, जिनमें से 8 लोगों को उनके परिवार से मिलाया गया, 2 बुजुर्गों को पेंशन दी गई, 4 लोगों के आधार कार्ड बनवाए गए, 1 व्यक्ति को आशीर्वाद योजना का लाभ दिया गया, 4 लोगों को वृद्धाश्रम भेजा गया और 13 लोगों को रोजगार या व्यवसाय से जोड़ा गया। इसके अलावा, 54 लोगों को परामर्श भी दिया गया है। उन्होंने बताया कि पटियाला में भी 168 लोगों की पहचान की गई है और उनके पुनर्वास के लिए कार्रवाई जारी है, जबकि लुधियाना और जालंधर में भी सितंबर के दूसरे सप्ताह में सर्वेक्षण शुरू किया जा रहा है। 

सर्वेक्षण में अब तक भीख मांगने में लिप्त 422 लोगों की पहचान की गई

सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मार्च 2026 से अमृतसर में चल रहे सर्वेक्षण में अब तक भीख मांगने में लिप्त 422 लोगों की पहचान की गई है। इनमें से 32 लोगों का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया जा चुका है, जिनमें से 8 लोगों को उनके परिवार से मिलाया गया, 2 बुजुर्गों को पेंशन दी गई, 4 लोगों के आधार कार्ड बनवाए गए, 1 व्यक्ति को आशीर्वाद योजना का लाभ दिया गया, 4 लोगों को वृद्धाश्रम भेजा गया और 13 लोगों को रोजगार या व्यवसाय से जोड़ा गया। इसके अलावा, 54 लोगों को परामर्श भी दिया गया है। उन्होंने बताया कि पटियाला में भी 168 लोगों की पहचान की गई है और उनके पुनर्वास के लिए कार्रवाई जारी है, जबकि लुधियाना और जालंधर में भी सितंबर के दूसरे सप्ताह में सर्वेक्षण शुरू किया जा रहा है। 

असहाय व्यक्तियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार पुनर्वास सेवाओं से जोड़ा जाता

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत, भीख मांगने में लिप्त व्यक्तियों की पहचान संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन की सहायता से की जाती है और उनका सर्वेक्षण किया जाता है। आवश्यकतानुसार, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाता है और परामर्श, स्वास्थ्य जांच और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है। जिन व्यक्तियों के परिवारों की पहचान हो जाती है, उन्हें नियमों के अनुसार परिवार से मिला दिया जाता है, जबकि असहाय व्यक्तियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार पुनर्वास सेवाओं से जोड़ा जाता है।

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पुराने कंप्यूटर के साथ 1990 के दशक की एक तस्वीर की साझा

कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सहायता से वंचित न रह जाए  

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन, नगर निगमों, स्थानीय सरकारी संस्थानों, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कौशल विकास से संबंधित संस्थानों और अन्य हितधारक विभागों के साथ समन्वय में काम किया जा रहा है, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सहायता से वंचित न रह जाए।  मंत्रिमंडल मंत्री ने आम जनता से अपील की कि वे सड़कों पर भीख मांगने वालों तक पहुंचने में सहयोग करें और उन्हें नकद राशि देने के बजाय सरकार द्वारा उपलब्ध पुनर्वास और सामाजिक सहायता सेवाएं प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही भिखारी-मुक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानित “रंगला पंजाब” का निर्माण संभव है। 

Join us on:

Leave a Comment