Hisar Manufacturing Cluster Project: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को अधिकारियों को हिसार हवाई अड्डे के पास एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर (आईएमसी) के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आईएमसी के विकास से पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और हिसार तथा आसपास के क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने ‘राज्य प्रगति पोर्टल’ के तहत राज्य में कार्यान्वित विकास परियोजनाओं की समीक्षा की
मुख्यमंत्री ने ‘राज्य प्रगति पोर्टल’ के तहत राज्य में कार्यान्वित की जा रही 75 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, समीक्षा बैठक के दौरान सैनी ने विभिन्न विभागों से संबंधित 11 विकास परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और उनके समय पर पूरा होने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए। नागरिक उड्डयन, ऊर्जा और हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) से संबंधित परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने हिसार स्थित स्वर्ण जयंती एकीकृत विमानन केंद्र के द्वितीय चरण की प्रगति की विशेष समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें हवाई अड्डे के अवसंरचना, नए टर्मिनल और एटीसी (हवाई यातायात नियंत्रण) भवन, जल आपूर्ति, जल निकासी व्यवस्था और परियोजना के अंतर्गत अन्य संबंधित कार्यों की स्थिति से अवगत कराया।
परियोजना के लिए आवश्यक 100 प्रतिशत भूमि उपलब्ध
मुख्यमंत्री सैनी ने अधिकारियों से हिसार से देश के विभिन्न हिस्सों के लिए उड़ानों की संख्या बढ़ाने की संभावनाओं का पता लगाने को कहा। उन्होंने जहां भी संभव हो, कनेक्टिंग फ्लाइट्स को बढ़ाया जाये। अधिकारियों ने बताया कि हिसार में 1,578 एकड़ भूमि पर हरियाणा एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर परियोजना की स्थापना का कार्य तेजी से प्रगति कर रहा है। सरकार के पास परियोजना के लिए आवश्यक 100 प्रतिशत भूमि उपलब्ध है। पर्यावरण संबंधी मंजूरी भी प्राप्त कर ली गई है। निर्माण कार्य के लिए निविदा जारी कर दी गई है और बोलियों के मूल्यांकन एवं चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके बाद कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
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परियोजना में किसी भी परिस्थिति में गुणवत्ता से समझौता न किया जाए
मुख्यमंत्री सैनी ने निर्देश दिया कि आईएमसी से संबंधित निर्माण कार्यों में कोई देरी न हो और किसी भी परिस्थिति में गुणवत्ता से समझौता न किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से विभिन्न परियोजनाओं की भौतिक प्रगति, निर्धारित समयसीमा, लागत संशोधन, बाधाओं और आगे की कार्य योजना के संबंध में जानकारी मांगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और जहां भी कार्य की गति धीमी हो, वहां आवश्यक कदम उठाए जाएं।
दिसंबर 2029 तक पूरा होने की उम्मीद
बैठक के दौरान, सैनी ने यमुनानगर स्थित दीनबंधु छोटू राम ताप विद्युत संयंत्र में 800 मेगावाट की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल इकाई की स्थापना की परियोजना की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि 7,272 करोड़ रुपये की इस परियोजना पर काम निर्धारित समय के अनुसार चल रहा है और इसके दिसंबर 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है।






