सीएम भगवंत सिंह मान ने धूरी से शुरू की डोर-टू-डोर चुनाव मुहिम, ‘मान दा मुनाफा’ पर प्रकाश डाला

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Mann Da Munafa: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को धुरी से आम आदमी पार्टी (आप) के घर-घर जाकर चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सरकार के साढ़े चार साल के कार्य का ब्योरा सीधे लोगों के घरों तक पहुंचाया और ‘मान दा मुनाफा’ को अपने अभियान का मुख्य मुद्दा बनाया। सरकार के कार्यों के ठोस वित्तीय लाभों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और मवां धीयां सत्कार योजना जैसी पहलों के माध्यम से प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 1.82 लाख रुपये का लाभ मिल रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी 2022 से अब तक के अपने कार्यों का ब्यौरा लेकर हर घर जाएगी और चुनाव प्रचार को सकारात्मक रखते हुए पंजाब के लिए सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों के आधार पर लोगों का समर्थन मांगेगी और विपक्ष से उसके कार्यों और नशीली दवाओं के मुद्दे पर सवाल करेगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धुरी में घर-घर जाकर परिवारों से संपर्क साधा

जनसंपर्क अभियान के दौरान, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान धुरी में घर-घर गए, परिवारों से मिले और बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों सहित समाज के हर वर्ग के लोगों से बातचीत की। उन्होंने उनके विचार सुने, पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर चर्चा की और बताया कि कैसे विभिन्न योजनाएं और पहलें आम परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचा रही हैं। निवासियों ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का गर्मजोशी से स्वागत किया, अपने अनुभव साझा किए और सरकार द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब यही रिपोर्ट कार्ड पंजाब के हर घर तक पहुंचाया जाएगा।

हर परिवार लगभग 15,000 रुपये प्रति माह बचा रहा है

इस अभियान के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने X पर कहा: “आज मैंने अपने निर्वाचन क्षेत्र धुरी से पार्टी के घर-घर जाकर प्रचार अभियान की शुरुआत की। हम हर घर में जाकर पिछले साढ़े चार वर्षों में हमारी सरकार द्वारा पंजाब के लिए किए गए कार्यों का विवरण देंगे। हमने 2022 में किए गए सभी वादों को ज़मीनी स्तर पर पूरा किया है। मुफ्त बिजली, बेहतर स्कूल और आम आदमी क्लीनिक जैसी सुविधाओं के कारण अब हर परिवार लगभग 15,000 रुपये प्रति माह बचा रहा है। हमने अपने वादों को पूरा किया है, इसीलिए आज हम गर्व से आपके सामने उपस्थित हैं।”

लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब में हर परिवार आज हमारी सरकार द्वारा शुरू की गई पहलों से सालाना 1.82 लाख रुपये का लाभ उठा रहा है। यह कोई काल्पनिक आंकड़ा नहीं है। यह वह राशि है जो अब किसी परिवार को बिजली, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए अपनी जेब से खर्च नहीं करनी पड़ती। मैं चाहता हूं कि हर परिवार बैठकर खुद हिसाब लगाए कि वे हर महीने कितनी बचत कर रहे हैं। यही ‘मान दा मुनाफा’ का असली मतलब है।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार की कल्याणकारी पहलों से परिवारों पर आवश्यक सेवाओं का वित्तीय बोझ कम हुआ है, जिससे वे अपनी मेहनत की कमाई को अन्य घरेलू जरूरतों पर खर्च कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और मावां धीयां सत्कार योजना लोगों को अपनी मेहनत की कमाई बचाने में मदद कर रही हैं। पंजाब भर में लाखों परिवारों को बिजली का बिल नहीं देना पड़ रहा है, जिसका मतलब है कि जो पैसा पहले बिजली के बिल में जाता था, अब उसे बच्चों, घरों और खेतों पर खर्च किया जा सकता है। प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के विस्तार से यह भी सुनिश्चित हुआ है कि बुखार, स्वास्थ्य जांच या बुनियादी जांच के लिए अब किसी परिवार को कर्ज लेने या अपनी बचत का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है।”

उन्होंने कहा, “सरकारी स्कूलों में हुए सुधारों से अभिभावकों को निजी स्कूलों की फीस के बोझ के बिना अपने बच्चों को शिक्षित करने का अधिक भरोसा मिला है। इन फैसलों के पीछे का सिद्धांत सरल है: आम आदमी का पैसा आम आदमी पर ही खर्च होना चाहिए। सार्वजनिक राजस्व उन लोगों का है जो इसे उत्पन्न करते हैं और यह उन्हें उन सेवाओं के रूप में वापस मिलना चाहिए जिन्हें वे देख, उपयोग और महसूस कर सकें।”

पंजाब के इतिहास में पहली बार हर गांव को विकास कार्यों के लिए सरकार से करोड़ों रुपये मिले

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “दशकों से पंजाब के लोग कर चुकाते रहे हैं, लेकिन उन्हें उनके योगदान के अनुपात में सुविधाएं नहीं मिलीं। हमारी सरकार विशेषाधिकारों के बजाय परिवारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए संसाधनों का उपयोग करके इस अंतर को पाटने का प्रयास कर रही है। ‘मान दा मुनाफा’ हर परिवार के लिए एक सरल प्रश्न है: आज आपका परिवार पहले की तुलना में कितना बेहतर स्थिति में है? हर महीने आप कितनी बचत करते हैं, इसका हिसाब लगाएं, और यह जवाब किसी भी चुनावी भाषण से कहीं अधिक प्रभावशाली होगा।”

ग्रामीण विकास की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने गांवों तक संसाधन पहुंचाने के तरीके में बदलाव किया है और ग्राम स्तरीय विकास को अपनी कार्ययोजना का मुख्य हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार हर गांव को विकास कार्यों के लिए सरकार से करोड़ों रुपये मिल रहे हैं। राज्य भर की पंचायतों को सड़कों, जल निकासी, जल आपूर्ति, सामुदायिक भवनों, खेल मैदानों, स्ट्रीट लाइट और गांवों द्वारा स्वयं निर्धारित अन्य कार्यों के लिए धनराशि मिल रही है। यह बदलाव न केवल धनराशि की मात्रा में है, बल्कि इसके वितरण के तरीके में भी है।”

हमारा दृष्टिकोण गांव को विकास की मूल इकाई के रूप में मजबूत करना 

उन्होंने कहा, “हर गांव, चाहे उसने किसी भी पार्टी का समर्थन किया हो, अब राज्य के संसाधनों पर समान हकदार माना जा रहा है। खर्च किया जा रहा पैसा पंजाब के सभी लोगों का है, किसी पार्टी या नेता का नहीं। लगातार सरकारों ने ग्रामीण पंजाब की उपेक्षा की, कुछ चुनिंदा निर्वाचन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया और बाकी को नजरअंदाज कर दिया। हमारा दृष्टिकोण गांव को विकास की मूल इकाई के रूप में मजबूत करना है।”

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में युवाओं के लिए बेहतर अवसर पैदा करने और बुनियादी सुविधाओं की तलाश में पलायन की आवश्यकता को कम करने के लिए ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “हर गांव में बेहतर सड़कें, विश्वसनीय जल आपूर्ति, सुचारू रूप से चलने वाले स्कूल और सुलभ स्वास्थ्य केंद्र एक समृद्ध पंजाब की नींव हैं। हमारे युवाओं को सिर्फ इसलिए अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए क्योंकि उनके अपने गांवों में उन्हें आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इस निवेश के परिणाम जिलों में चल रहे कार्यों की गति में पहले से ही दिखाई दे रहे हैं, और लोग अपने और पड़ोसी गांवों में पूरी हो चुकी परियोजनाओं को स्वयं देख सकते हैं।”

 

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