पंजाब सरकार ने ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ की शुरुआत की, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर पंजाब को एक विशिष्ट पहचान दिलाई

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‘Punjab’s Sikhya Kranti’ Triumphant: किसी भी समाज की प्रगति गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नींव पर टिकी होती है। एक उपयुक्त और प्रगतिशील शैक्षणिक वातावरण युवाओं को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए सशक्त बनाता है। इसी दूरदर्शी सोच के साथ पंजाब सरकार ने ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ की शुरुआत की, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर पंजाब को एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।

2026-27 के दौरान शिक्षा क्षेत्र के लिए लगभग 19,279 करोड़ रुपये की भारी राशि का आवंटन

वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान शिक्षा क्षेत्र के लिए लगभग 19,279 करोड़ रुपये की भारी राशि का आवंटन इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसके अलावा, ‘पंजाब शिक्षा क्रांति 2.0’ के तहत, अगले कुछ वर्षों में 3,500 करोड़ रुपये की लागत से सरकारी संस्थानों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने की योजना बनाई गई है।

पंजाब केरल को पीछे छोड़ते हुए अग्रणी राज्य के रूप में उभरा

नीति आयोग की 2026 की रिपोर्ट और केंद्रीय पीजीआई 2.0 रैंकिंग के अनुसार, पंजाब केरल को पीछे छोड़ते हुए अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है और देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य के सरकारी स्कूलों का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। भवनों का आधुनिकीकरण, स्मार्ट कक्षाएं, सुसज्जित प्रयोगशालाएं और विशाल पुस्तकालय छात्रों की आकांक्षाओं को पंख दे रहे हैं। इसके साथ ही, 118 ‘प्रतिष्ठित विद्यालयों’ की स्थापना ने राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नए आयाम दिए हैं।

योग्य शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती से शिक्षा के स्तर में काफी सुधार हुआ

सरकार ने 16,000 से अधिक योग्य शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती की है, जिससे शिक्षा के स्तर में काफी सुधार हुआ है। शिक्षा क्षेत्र में किए गए प्रयासों के सार्थक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। हाल ही में, सरकारी स्कूलों के 369 छात्रों ने जेईई मेन्स जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है। यह इस बात का प्रमाण है कि साधारण परिवारों के मेधावी बच्चे भी अब अपने लक्ष्य हासिल करने में सक्षम हैं। इसके अलावा, मेगा पीटीएम के दौरान 18 लाख से अधिक अभिभावकों की उपस्थिति ने सरकारी स्कूलों में अभिभावकों का विश्वास फिर से जगाया है। ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ केवल इमारतों के बुनियादी ढांचे में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंजाब के युवाओं के भविष्य को उज्ज्वल बनाने का एक ऐतिहासिक अभियान है।

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