punjab election: चुनाव आयोग ने पंजाब समेत 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) करने की घोषणा की है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों में शामिल करना, मौजूदा विवरणों को सही करना और मतदाता सूचियों को अधिक सटीक बनाना है।
प्रक्रिया की अंतिम तिथि 1 जनवरी, 2027 निर्धारित की गई
चुनाव आयोग द्वारा संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भेजे गए पत्र के अनुसार, इस प्रक्रिया की अंतिम तिथि 1 जनवरी, 2027 निर्धारित की गई है। इस प्रक्रिया के तहत, मतदाता सूचियों को अद्यतन किया जाएगा, पात्र मतदाताओं के नए नाम जोड़े जाएंगे और पहले से दर्ज जानकारी में त्रुटियों को सुधारा जाएगा।
मतदाता सूचियों से लगभग 13 करोड़ नाम हटा दिए गए
मतदाता सूची के विशेष संशोधन (एसआईआर) को लेकर जारी विवाद और विरोध के बीच यह निर्णय आया है। खबरों के मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मतदाता सूचियों से लगभग 13 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं। चुनाव आयोग ने कहा है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया चल रही है या हाल ही में पूरी हुई है, वहां विशेष संशोधन का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।
संशोधन का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन रखना
चुनाव आयोग के अनुसार, इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन रखना है। इसके तहत, योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने, दर्ज की गई जानकारियों में त्रुटियों को सुधारने और आवश्यक बदलाव करने पर ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, पहली बार मतदान कर रहे युवाओं को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। आयोग ने युवाओं को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए अग्रिम आवेदन करने की सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके तहत, 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर, 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा भी आवेदन कर सकेंगे। इससे पात्रता प्राप्त होने पर मतदाता सूची में उनके नाम शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।





