Parvinder Singh Jhota Murder Case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पंजाब के नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में एक नई FIR दर्ज की है और पुलिस रिकॉर्ड तथा सबूत अपने कब्जे में ले लिए हैं। यह कदम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मानसा में पीड़ित परिवार से मिलने और मामले की गहन जांच का आश्वासन देने के कुछ घंटों बाद उठाया गया है।
मंगलवार आधी रात के आसपास CBI की एक टीम मानसा पहुंची
मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा 20 अक्टूबर को जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की घोषणा के बाद, मंगलवार आधी रात के आसपास CBI की एक टीम मानसा पहुंची और स्थानीय पुलिस से केस फाइलें और संबंधित सबूत एकत्र किए। CBI के एक प्रवक्ता ने बताया कि जांच एक वरिष्ठ उप महानिरीक्षक (DIG) की देखरेख में की जा रही है। बुधवार को इस जांच में फोरेंसिक विशेषज्ञों, ड्रग कंट्रोलर्स और अन्य विशेषज्ञों के भी शामिल होने की उम्मीद है।
परिवार अंतिम संस्कार नहीं करेगा
जांचकर्ता न केवल झोटा की हत्या से जुड़ी परिस्थितियों की जांच करेंगे, बल्कि केमिस्ट की दुकानों के जरिए प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के आरोपों और इस कारोबार में शामिल लोगों तथा हत्या के बीच संभावित संबंधों की भी पड़ताल करेंगे। एजेंसी पूछताछ के लिए आरोपी अश्वनी कुमार और अन्य संदिग्धों को अपनी हिरासत में ले सकती है। नशीले पदार्थों की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान चलाने वाले झोटा की 13 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के बाद पूरे पंजाब में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। उनके परिवार ने CBI जांच की मांग की और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो गईं, तब तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। पीड़ित के पिता, भीम सिंह ने दोहराया कि परिवार अंतिम संस्कार नहीं करेगा।
अभी तक शव का पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ
उन्होंने कहा, “हम अभी अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।” परिवार का विरोध प्रदर्शन बुधवार को नौवें दिन में प्रवेश कर गया। उन्हें अपने बयान दर्ज कराने के लिए मानसा के मंडी बोर्ड रेस्ट हाउस में CBI जांचकर्ताओं से मिलने को कहा गया था। परिवार के अनुसार, अभी तक शव का पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ है।मानसा पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे केंद्रीय एजेंसी को पूरा सहयोग देंगे और उन्होंने मामले से जुड़े रिकॉर्ड सौंप दिए हैं। मंगलवार को झोटा के परिवार से मिलने वाले अमित शाह ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने में विफल रहने और इस खतरे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा न कर पाने का आरोप लगाया। अमित शाह ने कहा, “परविंदर सिंह झोटा की हत्या जो निडर होकर नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ खड़े हुए थे इसने भगवंत मान सरकार के तहत बिगड़ती कानून-व्यवस्था और नशीले पदार्थों की समस्या की भयावहता को उजागर कर दिया है।”
केंद्रीय एजेंसी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी
उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्रीय एजेंसी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी, चाहे उनका रसूख या ओहदा कुछ भी हो। अमित शाह ने कहा, “इस मामले में जो भी शामिल है, चाहे वह कितना भी ताकतवर क्यों न हो, हम उसे पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे और अदालत के सामने पेश करेंगे।” गृह मंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए झोटा द्वारा चलाए गए अभियान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने नशीले पदार्थों के तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का वादा किया।
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वहीं, मान ने कहा है कि उनकी सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। परिवार की मांग को मानते हुए, उन्होंने इस मामले की जांच CBI को सौंपने का फैसला किया है। केंद्रीय एजेंसी का यह कदम ऐसे समय में आया है जब पंजाब सरकार पर नशीले पदार्थों की तस्करी, नशा-विरोधी अभियान चलाने वालों की हत्या और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भारी दबाव है।





