Haryana gangster Himanshu Bhau arrested in America: हरियाणा का गैंगस्टर हिमांशु भाऊ जो भारत में हत्या, हत्या के प्रयास और जबरन वसूली (extortion) के कई मामलों में वांछित है उसको उसके साथी नीरज फरीदपुरिया के साथ अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। इस घटनाक्रम से उनके भारत लौटने का रास्ता साफ हो सकता है, हालांकि अभी तक उनके डिपोर्टेशन (देश निकाला) या प्रत्यर्पण (extradition) की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में जन्मे दो व्यक्ति, जिनकी पहचान हिमांशु सिग्रोहा और नीरज कौशिक के रूप में हुई है, उन्हें नेवादा के हेंडरसन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। अधिकारियों ने इनकी पहचान क्रमशः भाऊ और फरीदपुरिया के तौर पर की है।
क्या हिमांशु भाऊ को भारत डिपोर्ट किया जाएगा?
खबरों के मुताबिक, भारतीय अधिकारी भाऊ की वापसी सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, जरूरी औपचारिकताओं में मदद के लिए भारतीय अधिकारियों की एक टीम अमेरिका जा सकती है। आव्रजन (इमिग्रेशन) अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने से डिपोर्टेशन का एक रास्ता खुल सकता है, जो औपचारिक प्रत्यर्पण प्रक्रिया से अलग है। ICE (अमेरिकी आव्रजन एजेंसी) की हिरासत में होने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें तुरंत डिपोर्ट कर दिया जाएगा। उनका भारत लौटना उनके आव्रजन मामलों के नतीजों पर निर्भर करेगा, जिसमें हिरासत में लिए गए लोगों द्वारा सुरक्षा की मांग या अन्य राहत के दावे शामिल हो सकते हैं। भाऊ के मामले में अभी तक किसी डिपोर्टेशन आदेश की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह मामला गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई के अमेरिका से डिपोर्ट किए जाने और 19 नवंबर, 2025 को नई दिल्ली पहुंचने पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के लगभग एक साल बाद सामने आया है।
कौन है हिमांशु भाऊ?
हरियाणा के रोहतक जिले के रितोली गांव का रहने वाला हिमांशु भाऊ, कई सालों से दिल्ली और हरियाणा पुलिस के लिए वांछित है। अगस्त 2023 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ ‘रेड नोटिस’ जारी किया था। उस समय हरियाणा पुलिस ने बताया था कि वह हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और जालसाजी से जुड़े 18 आपराधिक मामलों में वांछित है। आरोप है कि विदेश में रहते हुए भी भाऊ भारत में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के निर्देश देता रहा। वह जबरन वसूली के कई मामलों में वांछित है, जिनमें व्यापारियों को कथित तौर पर धमकी दी गई थी और उन पर हमले किए गए थे। उसके गिरोह ने 17 अगस्त, 2025 को गुरुग्राम में यूट्यूबर एल्विश यादव के घर के बाहर हुई गोलीबारी की जिम्मेदारी भी ली थी।
पुलिस ने गिरोह से जुड़े संदिग्धों को गिरफ्तार किया
इस गोलीबारी के मामले में फरीदपुरिया का नाम भी सामने आया। IANS की रिपोर्ट के अनुसार, उसे पहले अमेरिका में हिरासत में लिया गया था और बाद में छोड़ दिया गया था, लेकिन बाद में एक इलेक्ट्रॉनिक एंकल मॉनिटर (पैर में पहनने वाला ट्रैकिंग डिवाइस) को कथित तौर पर हटा देने के कारण उसे फिर से हिरासत में ले लिया गया।





