Punjab Easy Registry System: पंजाब में संपत्ति पंजीकरण (प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन) प्रक्रिया को सरल, समयबद्ध और डिजिटल बनाने के लिए शुरू की गई ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ (Easy Registry) प्रणाली ने नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने जुलाई 2025 में मोहाली से एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस पहल की शुरुआत की थी। संपत्ति पंजीकरण से जुड़ी सेवाओं को कार्यालय-आधारित प्रणाली से हटाकर एक ऑनलाइन और समयबद्ध मॉडल से जोड़ दिया गया है। जुलाई 2025 से 8 सितंबर 2026 तक, ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ प्रणाली के माध्यम से पंजाब में 9,87,425 दस्तावेजों का पंजीकरण किया गया।
कार्यालयों में लगने वाले अनावश्यक इंतज़ार के समय को कम करना
‘ईज़ी रजिस्ट्री’ में टोकन और तय अपॉइंटमेंट की व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कार्यालयों में लगने वाले अनावश्यक इंतज़ार के समय को कम करना है। लाभार्थियों की प्रतिक्रिया के अनुसार, अधिकांश आवेदकों की रजिस्ट्री तय दिन पर लगभग 35 मिनट में पूरी हो गई। 48 घंटों के भीतर दस्तावेजों की जांच और व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन की स्थिति (स्टेटस) की जानकारी मिलने से, सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत भी कम हो गई है।
आवेदक को रजिस्ट्री के लिए जरूरी जानकारी पहले से मिल सके
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ‘फर्स्ट इन – फर्स्ट आउट’ (पहले आने वाले का काम पहले) प्रणाली लागू की गई है। इसके तहत, फाइलों पर उसी क्रम में काम किया जाता है जिस क्रम में वे प्राप्त होती हैं, जिससे यह प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध हो जाती है। इसके अलावा, दस्तावेजों की पहले से जांच (प्री-स्क्रूटनी) और आपत्तियों के लिए एक समय-सीमा तय कर दी गई है, ताकि आवेदक को रजिस्ट्री के लिए जरूरी जानकारी पहले से मिल सके।
जिले के किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकरण कराने की सुविधा
इस सुधार की एक और खासियत यह है कि नागरिकों को जिले के किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकरण कराने की सुविधा दी गई है। इससे किसी एक विशेष कार्यालय पर निर्भरता कम हुई है। ऑनलाइन डीड ड्राफ्टिंग (दस्तावेज़ तैयार करना), हेल्प काउंटर और सर्विस असिस्टेंट जैसी सुविधाओं ने भी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में नागरिकों की मदद की है।
भुगतान प्रणाली भी डिजिटल
भुगतान प्रणाली को भी डिजिटल बना दिया गया है। स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क की गणना ऑनलाइन की जाती है, और 25 बैंकों की एकीकृत प्रणाली के माध्यम से एक ही बार में भुगतान करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही, व्हाट्सएप अपडेट के ज़रिए नागरिक अपने आवेदन की प्रगति जान सकते हैं और अपनी शिकायतें या अतिरिक्त भुगतान की मांग सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं।
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तकनीकी स्तर पर, जमाबंदी पोर्टल के साथ एकीकरण करके डिजिटल ‘फर्द’ (ज़मीन का रिकॉर्ड) अपने आप तैयार होने की सुविधा भी जोड़ी गई है। पहचान सत्यापन प्रक्रिया को सहमति-आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) के माध्यम से डिजिटल सुरक्षा से जोड़ा गया है।






