मुख्यमंत्री सैनी ने ग्रामीण चौकीदारों के लिए दिवाली उपहार की घोषणा की; मासिक मानदेय बढ़ाकर 15,221 रुपये किया गया

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Nayab Singh Saini announces Diwali Gift for Gramin Chowkidars: धनतेरस और दिवाली के शुभ अवसर पर, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ग्रामीण चौकीदारों के मासिक मानदेय को 11,000 रुपये से बढ़ाकर 15,221 रुपये करने की घोषणा की। इस बढ़ोतरी से प्रत्येक चौकीदार को हर महीने 4,221 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे, जिससे उन्हें सालाना 50,000 रुपये से अधिक का लाभ होगा।

ग्रामीण चौकीदारों का मासिक मानदेय चार गुना से भी अधिक हो गया

मानदेय में हुई इस बड़ी बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में ग्रामीण चौकीदारों को केवल 3,500 रुपये का मासिक मानदेय मिलता था, जो अब चार गुना से भी अधिक हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज पंचकूला में आयोजित राज्य-स्तरीय ‘ग्रामीण चौकीदार सम्मान समारोह’ में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा, हरियाणा लोक उद्यम ब्यूरो के चेयरमैन मोहन लाल बड़ौली, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल, विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सरवान और पंचायत विभाग के अतिरिक्त निदेशक आशुतोष राजन भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण चौकीदारों के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को धनतेरस और दिवाली के त्योहारों की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण चौकीदारों के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। इनमें सालाना वर्दी भत्ता 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये करना; लाठी, टॉर्च, सीटी और छाते जैसे जरूरी सामान के लिए सालाना भत्ता 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये करना; और साइकिल भत्ता 3,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये करना शामिल है। ग्रामीण चौकीदारों के कल्याण के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हरियाणा के इतिहास में पहली बार, उन्हें ‘कर्मचारी राज्य बीमा’ (ESI) योजना के दायरे में लाया जाएगा। यह सुविधा उसी तर्ज पर दी जाएगी, जो जल आपूर्ति और स्वच्छता कर्मचारियों के लिए लागू है। इस योजना के तहत, ग्रामीण चौकीदारों और उनके परिवारों को बीमारी की स्थिति में चिकित्सा उपचार की सुविधा मिलेगी। साथ ही, किसी दुर्घटना या विकलांगता की स्थिति में भी उन्हें लाभ प्राप्त होंगे।

प्रत्येक ग्रामीण चौकीदार को ‘हरियाणा श्रम कल्याण कोष’ के अंतर्गत भी शामिल किया जाएगा

उन्होंने आगे घोषणा की कि अब प्रत्येक ग्रामीण चौकीदार को ‘हरियाणा श्रम कल्याण कोष’ (Haryana Labour Welfare Fund) के अंतर्गत भी शामिल किया जाएगा। इससे उन्हें अपने बच्चों की शिक्षा और विवाह, तथा परिवार से जुड़ी अन्य जरूरतों के लिए विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ये सभी लाभ तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। उन्होंने बताया कि इन फैसलों से राज्य सरकार पर सालाना लगभग 27 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गांवों की सुरक्षा करने वालों पर किया जाने वाला यह खर्च, असल में राज्य के हर गांव और हर घर की सुरक्षा में किया गया एक निवेश है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन फैसलों के संबंध में जल्द से जल्द अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि बढ़ा हुआ मासिक मानदेय हर महीने की 7 तारीख से पहले ग्रामीण चौकीदारों के बैंक खातों में सीधे जमा कर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बिना किसी देरी के हर चौकीदार का पंजीकरण ESI योजना और हरियाणा श्रम कल्याण कोष (Haryana Labour Welfare Fund) के तहत किया जाए। जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पंजीकरण प्रक्रिया की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें, ताकि किसी भी चौकीदार को अपने हक के लाभ पाने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। ग्रामीण चौकीदारों से बातचीत करते हुए, मुख्यमंत्री ने उनसे नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भागीदार बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नशा परिवारों को बर्बाद कर देता है और युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर देता है। उन्होंने कहा, “आप अपने गांवों की गलियों और वहां के लोगों को अच्छी तरह जानते हैं। अगर कोई नशीले पदार्थों की बिक्री में शामिल है, तो बिना डरे इसकी सूचना दें।”

युवा हरियाणा का भविष्य

यह रेखांकित करते हुए कि युवा हरियाणा का भविष्य हैं, मुख्यमंत्री ने चौकीदारों से इस अभियान में पूरा सहयोग देने की अपील की। ​​उन्होंने महिलाओं, लड़कियों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। चाहे स्कूल जाने वाली कोई लड़की हो, खेतों में काम करने वाली कोई महिला हो, या अकेले रहने वाला कोई बुजुर्ग मुख्यमंत्री ने चौकीदारों से आग्रह किया कि जब भी किसी को मदद की जरूरत हो, तो वे संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे आएं।

ग्रामीण चौकीदार गांव की सुरक्षा और जन-विश्वास के सच्चे रक्षक हैं: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण चौकीदार हमेशा से ग्रामीण जीवन का एक भरोसेमंद और अभिन्न हिस्सा रहे हैं। चाहे कोई अप्रिय घटना हो, विवाद हो, रात में किसी अनजान व्यक्ति का दिखना हो, पशुओं का खो जाना हो या चोरी हो—ऐसे मौकों पर सबसे पहले ग्रामीण चौकीदार का ही खयाल आता है। उन्होंने कहा कि मार्च 2019 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकप्रिय बनाया गया नारा “मैं भी चौकीदार” देश की राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को एक नया आयाम दे गया। प्रधानमंत्री ने ‘चौकीदार’ शब्द को ईमानदारी, कर्तव्य-निष्ठा, जन-सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण के प्रतीक में बदल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कोई भी देश की सेवा करता है, राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा करता है और समाज के कल्याण के लिए ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करता है, वह एक सच्चा चौकीदार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण चौकीदार ही गाँव की सुरक्षा और जन-विश्वास के असली रक्षक हैं।

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सरकार ने ग्रामीण चौकीदारों की सेवा और कल्याण के सम्मान में कई निर्णय लिए 

मुख्यमंत्री ने इस बात पर खेद जताया कि दशकों तक ग्रामीण चौकीदारों की जरूरतों और कल्याण पर उतना ध्यान नहीं दिया गया, जितना दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उनकी समर्पित सेवा को देखते हुए, वर्तमान राज्य सरकार ने उनके हितों की रक्षा करने और उनके कल्याण को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने बताया कि जब 2014 में वर्तमान सरकार सत्ता में आई, तब एक चौकीदार को हर महीने केवल 3,500 रुपये का मानदेय मिलता था। इसे सितंबर 2018 में बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रति माह किया गया और बाद में फरवरी 2024 में इसे बढ़ाकर 11,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया। उनकी वित्तीय सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने ग्रामीण चौकीदारों के लिए प्रोविडेंट फंड (PF) की सुविधा भी शुरू की, ताकि उनकी नियमित मासिक बचत सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, उनके लिए 2 लाख रुपये का सेवानिवृत्ति लाभ (रिटायरमेंट बेनिफिट) भी प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि शारीरिक रूप से स्वस्थ ग्रामीण चौकीदारों को 65 वर्ष की आयु तक अपनी सेवा जारी रखने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा, किसी अप्रिय घटना की स्थिति में उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके, इसके लिए उनके परिवारों को ‘दयालु’ (DAYALU) योजना के दायरे में लाया गया है।

मुख्यमंत्री ने चौकीदारों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि ‘परिवार पहचान पत्र’ (PPP) पोर्टल पर सभी रिकॉर्ड सही ढंग से और समय पर अपडेट किए जाएं। उन्होंने कहा कि एक भी सही एंट्री यह सुनिश्चित कर सकती है कि किसी पात्र परिवार को बिना किसी देरी के उसका हक मिल सके। इसलिए, उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे इस जिम्मेदारी को अपनी जनसेवा का एक अहम हिस्सा मानें।

 

कांग्रेस ने चौकीदारों और गरीबों का अपमान किया है; उसे देश से माफी मांगनी चाहिए: मुख्यमंत्री

 

 विपक्षी कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी के पास उठाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वह पूरे देश में झूठ फैलाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों को गुमराह करने की कांग्रेस की कोशिशें सफल नहीं होंगी, क्योंकि जनता अब इस पार्टी के ट्रैक रिकॉर्ड के बारे में जानती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा खुद को ‘चौकीदार’ कहने पर उनका अनादर करके, कांग्रेस ने न केवल प्रधानमंत्री का, बल्कि देश भर के सभी चौकीदारों और गरीबों का भी अपमान किया है। इसलिए, पार्टी को अपनी इन टिप्पणियों के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। ।मुख्यमंत्री ने कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुए कई बड़े घोटालों का भी जिक्र किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को इन घोटालों के बारे में पता होना चाहिए, ताकि वे इस पार्टी के इतिहास को समझ सकें। ग्रामीण चौकीदार सरकार का एक अहम हिस्सा हैं।

 उनकी बुनियादी जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है: विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार

इससे पहले, सभा को संबोधित करते हुए विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने ग्रामीण चौकीदारों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करने पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्रामीण चौकीदारों की बुनियादी जरूरतों को अच्छी तरह समझते हैं, जो जमीनी स्तर पर पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभाते हैं। सरकार ने उनके कल्याण को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण चौकीदार सरकार और आम जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी घटना या अप्रिय बात तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग के संज्ञान में लाई जाए। उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में, राज्य सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने सरकार के उस फैसले का उदाहरण दिया, जिसके तहत उन लोगों को मालिकाना हक दिया जा रहा है, जिन्होंने 2004 से पहले ग्राम पंचायत की जमीन पर घर बना लिए थे। इस प्रावधान के तहत, पात्र निवासी कलेक्टर रेट के 1.5 गुना के बराबर राशि जमा करके मालिकाना हक प्राप्त कर सकते हैं, बशर्ते वह जमीन गांव के आम रास्तों (फिरनी), कृषि भूमि या तालाब जैसी श्रेणियों में न आती हो। मंत्री ने यह भी बताया कि ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ और ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत गरीब परिवारों के लिए घर बनाए गए हैं और उन्हें सौंपे गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी व्यक्ति बिना छत के न रहे। उन्होंने आगे कहा कि ‘उज्ज्वला योजना’ के तहत पात्र परिवारों को 500 रुपये की सब्सिडी वाली कीमत पर एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।इस अवसर पर उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा, पुलिस उपायुक्त सुश्री अदिति सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री विवेक आर्य, पूर्व मेयर सुश्री मनवीर कौर गिल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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