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April 11, 2025 9:34 am

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Flurry of Resignations in JJP: जेजेपी में लगी इस्तीफों की झड़ी, जानिए किन -किन विधायकों ने छोड़ा दुष्यंत का साथ

Flurry of Resignations in JJP : जेजेपी में लगी इस्तीफों की झड़ी, जानिए किन -किन विधायकों ने छोड़ा दुष्यंत का साथ

6 अगस्त 2024 को उकलाना से विधायक अनूप धानक के इस्तीफे के बाद, कुछ ही दिनों में तीन और विधायकों ने पार्टी से किनारा कर लिया।

शाहबाद से विधायक रामकरण काला, टोहाना से विधायक देवेंदर सिंह बबली और गुहला (कैथल) से विधायक ईश्वर सिंह ने भी पार्टी के सभी पदों और दायित्वों से इस्तीफा दे दिया है।

अनूप धानक के इस्तीफे के बाद लगी इस्तीफों की झड़ी:
16 अगस्त 2024 को उकलाना से विधायक अनूप धानक ने इस्तीफा देकर इस इस्तीफे की लहर की शुरुआत की। उन्होंने अपने पत्र में “निजी कारणों” का हवाला देते हुए पार्टी से इस्तीफा मांगा। धानक का इस्तीफा चौंकाने वाला था, क्योंकि वे जेजेपी के प्रमुख नेताओं में से एक थे और पार्टी की रणनीतियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।

 

रामकरण काला का इस्तीफा: एक और झटका

अनूप धानक के इस्तीफे के बाद, शाहबाद के विधायक रामकरण काला, जो हरियाणा शुगरफेड के पूर्व चेयरमैन भी रह चुके हैं, ने भी 16 अगस्त को ही इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने पत्र में लिखा, “मैं निजी कारणों के चलते जननायक जनता पार्टी के सभी पदों और जिम्मेदारियों से इस्तीफा देता हूं।” रामकरण काला का इस्तीफा जेजेपी के लिए एक और बड़ा झटका था, क्योंकि वे संगठन में मजबूत पकड़ रखते थे।

देवेंदर सिंह बबली का इस्तीफा: सबसे बड़े चेहरे का अलविदा

17 अगस्त 2024 को टोहाना से विधायक देवेंदर सिंह बबली ने भी इस्तीफा देकर जेजेपी को हिला दिया। बबली, जेजेपी के सबसे बड़े चेहरों में से एक थे, और उनका इस्तीफा पार्टी के लिए बड़े संकट का संकेत है। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा, “मैं जननायक जनता पार्टी के सभी पदों और जिम्मेदारियों से मुक्त होना चाहता हूं। कृपया मेरा इस्तीफा मंजूर किया जाए।”

गुलहा (कैथल) विधायक ईश्वर सिंह का इस्तीफा :

इस्तीफों की इस कड़ी में, गुलहा (कैथल) से विधायक ईश्वर सिंह का नाम भी शामिल हो गया है। 17 अगस्त को उन्होंने भी पार्टी से इस्तीफा सौंप दिया। ईश्वर सिंह हरियाणा विधानसभा की शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा समिति के चेयरमैन थे। उनके इस्तीफे के बाद पार्टी के अंदरूनी हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।

लोकसभा में खराब प्रदर्शन के बाद से जेजेपी के लिए विधानसभा की राह पहले से ही मुश्किल थी अब इतने बड़े चेहरों का पार्टी छोड़ कर जाना कार्यकर्ताओं के मन में भी सवाल पैदा कर रहा है | हालाँकि पूर्व उप -मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला अपे गठबंधन को जनसेवा के हक़ में बता रहे है लेकिन कहीं न कहीं जनता ने इस गठबन्धन को लोकसभा में सिरे से नकार दिया | अब विधानसभा में जेजेपी कैसा प्रदर्शन करती है ये तो जनता 1 अक्टूबर को ही बताएगी |

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