Haryana Teacher Eligibility Test (HTET) Level-3: हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) 2026 के लेवल-3 (PGT) की परीक्षा विवादों में घिर गई है। 4 जुलाई को आयोजित इस परीक्षा के बाद कई अभ्यर्थियों ने प्रश्न पत्र की सील से कथित छेड़छाड़, प्रश्नों के गायब होने, टाइपिंग (Typographical) और व्याकरण संबंधी गलतियों के साथ-साथ OMR शीट और प्रश्न पत्र के सीरियल नंबर मेल नहीं खाने जैसी शिकायतें दर्ज कराई हैं। इन आरोपों के बाद परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
कई परीक्षा केंद्रों से आईं शिकायतें
अभ्यर्थियों के अनुसार, कुछ परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्र के पैकेट की सील संदिग्ध स्थिति में मिली। वहीं, कई परीक्षार्थियों ने दावा किया कि प्रश्न पत्र में कुछ सवाल गायब थे और कई जगह टाइपिंग और प्रिंटिंग की गलतियां थीं। जब उम्मीदवारों ने परीक्षा केंद्र के अधिकारियों से इसकी शिकायत की तो उन्हें बताया गया कि प्रश्न पत्र हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) से इसी स्थिति में प्राप्त हुए थे। इसके अलावा रेवाड़ी (Rewari), कैथल (Kaithal), चरखी दादरी (Charkhi Dadri) और कुछ अन्य केंद्रों से यह शिकायत भी सामने आई कि प्रश्न पत्र और OMR शीट के सीरियल नंबर आपस में मेल नहीं खा रहे थे। इससे परीक्षार्थियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
HBSE ने पेपर लीक से किया इनकार
इन आरोपों के बीच हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) के अध्यक्ष शंकर लाल ढोपरा ने पेपर लीक की संभावना को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने कहा कि राज्यभर के 383 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि प्रश्न पत्रों की पैकिंग, सीलिंग, परिवहन और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई थी। ऐसे में प्रश्न पत्र लीक होने की कोई संभावना नहीं है।
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गलतियों की भरपाई का दिया भरोसा
HBSE अध्यक्ष ने माना कि प्रश्न पत्र में कुछ टाइपिंग, व्याकरण या अन्य छोटी-मोटी त्रुटियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों से आपत्तियां (Objections) आमंत्रित करेगा। यदि किसी प्रश्न में गलती पाई जाती है तो मूल्यांकन (Evaluation) के दौरान उसका उचित समाधान किया जाएगा, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।
री-एग्जाम की उठी मांग
इस बीच परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी दलों और कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा दोबारा कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि प्रश्न पत्र, OMR शीट और परीक्षा संचालन में गड़बड़ियां हुई हैं, तो निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए दोबारा परीक्षा कराई जानी चाहिए। हालांकि, फिलहाल बोर्ड ने री-एग्जाम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।





