हरियाणा के 14,017 सरकारी स्कूलों को मिला बड़ा बजट, छात्रों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

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Samagra Shiksha: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परिषद (HSSP) ने वित्त वर्ष 2026-27 के तहत समग्र शिक्षा योजना में राज्य के 14,017 सरकारी स्कूलों को स्कूल ग्रांट मंजूर की है। परिषद ने स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे अगस्त तक 80 प्रतिशत और नवंबर तक 100 प्रतिशत राशि प्राथमिकता के आधार पर खर्च करें।

अनुदान प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर

यह अनुदान प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर दिया जाएगा। परिषद ने स्कूलों के लिए फंड खर्च करने के स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। प्राथमिक विद्यालयों को कुल ग्रांट का 10 प्रतिशत स्वच्छता एवं सैनिटेशन, 20 प्रतिशत टीचिंग लर्निंग मटेरियल (TLM) और ग्रेडेड सप्लीमेंट्री मटेरियल (GSM) पर खर्च करना होगा। इसके लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन अनिवार्य किया गया है। मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को 10 प्रतिशत राशि स्वच्छता, 10 प्रतिशत टीएलएम और जीएसएम (गणित एवं विज्ञान को छोड़कर) तथा शेष 80 प्रतिशत राशि भवन मरम्मत, इंटरनेट, पेयजल, अन्य बुनियादी सुविधाओं और दो फायर एक्सटिंग्विशर लगाने पर खर्च करनी होगी।

शौचालयों में पानी की उपलब्धता, स्वच्छ पेयजल, हाथ धोने की व्यवस्था और साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश

परिषद ने सभी स्कूलों को पूरे वर्ष शौचालयों में पानी की उपलब्धता, स्वच्छ पेयजल, हाथ धोने की व्यवस्था और साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा स्टेशनरी, पौधारोपण, स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की बैठकें, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल गतिविधियों पर भी ग्रांट का उपयोग किया जा सकेगा। जिन स्कूलों में दिव्यांग बच्चों (CWSN) के लिए अनुकूल शौचालय नहीं हैं, वहां कम से कम एक विशेष शौचालय बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ऐसे बच्चों को सुविधा मिल सके। परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्रांट से जुड़े सभी खर्चों का रिकॉर्ड कैश बुक और स्टॉक रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक खर्च की जानकारी स्कूल के सूचना बोर्ड पर प्रदर्शित करनी होगी और सभी कार्यों का ऑडिट भी कराया जाएगा।

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परिषद से बजट जारी होते ही संबंधित स्कूलों को ग्रांट भेज दी जाएगी

जिला परियोजना समन्वयक मनीष गुप्ता ने बताया कि परिषद से बजट जारी होते ही संबंधित स्कूलों को ग्रांट भेज दी जाएगी। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने कहा कि स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने सभी स्कूलों को पारदर्शिता के साथ ग्रांट खर्च करने के निर्देश दिए हैं, ताकि विद्यार्थियों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।

 

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