पंजाब विधानसभा में महिला सशक्तिकरण संबंधी प्रस्ताव सर्वसम्मति से हुआ पारित

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Resolution on women’s empowerment passed unanimously: पंजाब विधानसभा में महिला सशक्तिकरण संबंधी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गया। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोरा द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि यह निर्णय महिलाओं के सम्मान, अधिकारों, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक समानता के प्रति सदन की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 

65 लाख से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि मुख्यमंत्री मातृ-पुत्री सत्कार योजना के तहत अब तक 65 लाख से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। उनके अनुसार, पात्र महिलाओं के पंजीकरण का कार्य भी निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल 1000 रुपये और 1500 रुपये की वित्तीय सहायता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शिक्षा और समान अवसर आवश्यक 

मंत्रिमंडल मंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का असली आधार शिक्षा, समान अवसर, अनुभव और आत्मविश्वास है। जब महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकलने और समाज को समझने, अपने कौशल को निखारने और नए अनुभव प्राप्त करने के अवसर मिलते हैं, तो वे अधिक आत्मनिर्भर और सक्षम बनती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार सामाजिक बाधाओं को तोड़ रही है और शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी में महिलाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।

महिलाओं को विकास में भागीदार बनाने का दावा

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार ने न केवल महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभार्थी बनाया है, बल्कि उन्हें विकास की यात्रा में समान भागीदार बनाने के लिए भी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के लिए समान रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती में तेजी लाने और विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।

मुफ्त बस यात्रा के माध्यम से शिक्षा और रोजगार में भागीदारी बढ़ाने पर जोर 

 मंत्रिमंडल मंत्री ने कहा कि महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा सुविधा प्रदान करने का उद्देश्य केवल परिवहन सुविधाएं प्रदान करना ही नहीं है, बल्कि उन्हें शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन में अधिक भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना भी है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना में बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाओं की भागीदारी यह भी दर्शाती है कि जब महिलाओं को अवसर मिलते हैं, तो वे हर क्षेत्र में आगे आती हैं।

बाल गृहों में 157 लड़कियां, निगरानी गृहों में 5 लड़कियां

डॉ. बलजीत कौर ने विधानसभा में बच्चों से संबंधित आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 215 बच्चे सरकारी बाल गृहों में रह रहे हैं, जिनमें से 157 लड़कियां और 58 लड़के हैं। 

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