Students will learn AI using matchboxes: छात्र अब कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बारीकियों को समझेंगे। CBSE 2026-27 एकेडमिक ईयर में छात्रों को AI के साथ लॉजिकली सोचने और मुश्किल समस्याओं का समाधान खोजने के लिए तैयार करने के लिए नई पहल कर रहा है। कक्षा 6 और उससे ऊपर के छात्रों के लिए ‘Eklavya – CT, AI & STEM’ नाम की एक ऑनलाइन सीरीज़ शुरू की जा रही है। पहला लाइव एपिसोड 15 अगस्त को शाम 4 बजे प्रसारित होगा। CBSE और IIT गांधीनगर के ‘सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग’ के सहयोग से आयोजित इस सीरीज़ में कुल आठ लाइव एपिसोड होंगे। सभी एपिसोड हिंदी में होंगे और बाद में इंग्लिश सबटाइटल के साथ उपलब्ध कराए जाएंगे।
माचिस की डिब्बियों से समझाई जाएगी कंप्यूटेशनल थिंकिंग
पहले एपिसोड का शीर्षक है “Computational Thinking and AI with Matchboxes” (माचिस की डिब्बियों के साथ कंप्यूटेशनल थिंकिंग और AI)। माचिस की डिब्बियों और अलग-अलग गतिविधियों का इस्तेमाल करके, छात्रों को सिखाया जाएगा कि कैसे किसी बड़ी समस्या को छोटे हिस्सों में बांटा जाए और फिर उसे स्टेप-बाय-स्टेप हल किया जाए। उदाहरण के लिए, माचिस की डिब्बियों को किसी खास पैटर्न में लगाना या कोई आकार बनाना जैसी गतिविधियां बच्चों को क्रम (सीक्वेंस), पैटर्न की पहचान और समस्याओं को आसान हिस्सों में तोड़ने की प्रक्रिया सिखायेगी। इससे छात्रों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और तार्किक सोच बढ़ेगी।
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टीचर भी ले सकते हैं हिस्सा
CBSE की ज़िला नोडल ऑफ़िसर रीता गोयल ने कहा, यह सीरीज़ CBSE स्कूलों के छठी और उससे ऊपर की क्लास के छात्रों और टीचरों के लिए होगी। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है और यह मुफ़्त है। CBSE स्कूल के टीचरों के लिए, हर एपिसोड तीन CPD ट्रेनिंग घंटों के बराबर होगा, बशर्ते वे तय शर्तें पूरी करते हों। इसका मकसद न सिर्फ़ छात्रों को AI टूल का इस्तेमाल करना सिखाना है, बल्कि उनमें सही सवाल पूछने, समस्याओं को छोटे हिस्सों में तोड़ने, तार्किक रूप से सोचने और समाधान तक पहुंचने की क्षमता विकसित करना भी है। ज़िले में लगभग 120 CBSE स्कूल हैं। सभी CBSE स्कूलों के छात्र और टीचर इस ऑनलाइन सीरीज़ में हिस्सा ले सकते हैं।






