गैर-अधिसूचित और खानाबदोश समुदायों का इतिहास गौरव और वीरता की गाथा है: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

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CM Saini addressed a delegation comprising representatives of nomadic communities: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गैर-अधिसूचित और घुमंतू समुदायों का एक लंबा, गौरवशाली और प्रेरणादायक इतिहास है। सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी, इन समुदायों ने अपनी कड़ी मेहनत, समृद्ध कला, अनूठी संस्कृति और आत्मसम्मान की भावना को संरक्षित रखा है।

 मुख्यमंत्री ने भाई मक्खन शाह लुबाना जी को याद किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि विअधिसूचित और घुमंतू समुदायों से संबंधित वीरों और महान व्यक्तित्वों का योगदान भारत के इतिहास और उसके गौरवशाली अतीत में विशिष्ट स्थान रखता है। उन्होंने भाई मक्खन शाह लुबाना जी को याद किया, जिन्होंने श्री गुरु तेग बहादुर जी को सच्चा गुरु बताया, भाई लखी शाह बंजारा जी और भाई निगाहिया जी को याद किया, जिन्होंने श्री गुरु तेग बहादुर जी के पवित्र शरीर के अंतिम संस्कार को सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया और भाई जैता जी को याद किया, जो गुरु साहब के पवित्र सिर को दिल्ली से श्री आनंदपुर साहिब ले गए और ‘रंगरेटा गुरु का बेटा’ कहलाने का सम्मान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने रविवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास संत कबीर कुटीर में हरियाणा और पंजाब के विभिन्न खानाबदोश समुदायों के प्रतिनिधियों से मिले एक प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए यह बात कही

 इन समुदायों को अपने पूर्वजों से वीरता विरासत में मिली  

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिकलीगर और बंजारा समुदायों के कुशल योद्धाओं ने मुगलों के विरुद्ध युद्धों में अत्यंत प्रभावी हथियार बनाकर खालसा सेना को सुदृढ़ किया। उन्होंने भामाशाह और बंजारा समुदाय के उन वीरों को भी याद किया जिन्होंने महाराणा प्रताप के आत्मसम्मान के संघर्ष में आवश्यक रसद और सामग्री की आपूर्ति करके देश की रक्षा में योगदान दिया। उन्होंने इन सभी को राष्ट्र के सच्चे नायक बताया। 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समुदायों को अपने पूर्वजों से वीरता विरासत में मिली है। देशभक्ति की इसी भावना से प्रेरित होकर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ब्रिटिश शासन को कड़ी चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि उनके प्रतिरोध से निराश होकर अंग्रेजों ने 1871 में ‘आपराधिक जनजाति अधिनियम’ लागू किया और इन देशभक्त समुदायों को वंशानुगत अपराधी करार देकर घोर अन्याय किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 31 अगस्त, 1952 को यह कलंक आखिरकार दूर हो गया और इसलिए इस ऐतिहासिक दिन को ‘विमुक्ति दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल विमुक्ति दिवस मनाना ही पर्याप्त नहीं है और इन समुदायों को वे सभी अधिकार वापस मिलने चाहिए जो ब्रिटिश शासन के दौरान उनसे छीन लिए गए थे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली सरकारों ने इन समुदायों की चिंताओं का पर्याप्त रूप से समाधान नहीं किया, जिसके कारण वे बुनियादी अधिकारों से वंचित रह गए।

1.60 लाख परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए गए 

 श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में देश का नेतृत्व संभालने के बाद ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का मूलमंत्र दिया था। इसी भावना से प्रेरित होकर, दोहरी इंजन वाली सरकार गरीबों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हरियाणा में 1.60 लाख परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा, करनाल, पलवल और रोहतक में 702 खानाबदोश परिवारों को भूखंड आवंटित किए गए हैं, जिससे इन परिवारों के सुरक्षित भविष्य की नींव रखी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत, घर की मरम्मत के लिए वित्तीय सहायता 30,000 रुपये से बढ़ाकर 80,000 रुपये कर दी गई है। इस योजना के तहत 85,815 परिवारों को 416 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि गरीब परिवारों को मात्र 500 रुपये में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे 15 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत 38 लाख परिवारों को उनकी बेटियों के विवाह के लिए 1523 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

 शिक्षा आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को बदल सकती है

 खानाबदोश समुदायों के प्रतिनिधियों से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, माता-पिता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके बच्चों को शिक्षा मिले। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह शक्ति है जो आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को बदल सकती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कक्षा बारहवीं तक मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, वर्दी और स्टेशनरी उपलब्ध करा रही है, साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग भी प्रदान कर रही है। डॉ. अंबेडकर मेधावी छात्र संशोधन योजना के तहत 8,000 रुपये से 12,000 रुपये तक की छात्रवृत्तियां भी दी जा रही हैं।

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मुख्यमंत्री ने युवाओं से लगन से पढ़ाई करने, कौशल हासिल करने, खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और नशाखोरी जैसी हानिकारक आदतों से दूर रहने का आह्वान किया ताकि वे अपने माता-पिता के सपनों को साकार कर सकें। उन्होंने प्रतिनिधियों से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी हर घर तक पहुंचाने का भी आग्रह किया ताकि समुदाय का हर सदस्य लाभान्वित हो सके और सशक्त बन सके। अखिल भारतीय डीएनटी कल्याण संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री. राजिंदर सिंह देसुजोधा, स. सतनाम सिंह संधू, चेयरमैन, हरियाणा विमुक्त घुमंतू जाति विकास बोर्ड, श्री. जसमेर सिंह बंजारा, पूर्व विधायक, श्री. इस अवसर पर लक्ष्मण नापा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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