Sant Shiromani Guru Ravidas Samrasata Sankalp Abhiyan: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कहा कि संत सबके हैं और हम सब संतों के हैं। उनकी शिक्षाएं और संदेश समाज के किसी विशेष वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे समाज और मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
गठित समिति में विपक्ष के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा
इसी भावना को ध्यान में रखते हुए, ‘संत शिरोमणि गुरु रविदास समरसत संकल्प अभियान’ के लिए गठित समिति में विपक्ष के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री विधानसभा में सरकार के ‘संत शिरोमणि गुरु रविदास समरसत संकल्प अभियान’ संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे। वे विधायक श्री बीबी बत्रा द्वारा समिति में विपक्ष के प्रतिनिधित्व के संबंध में उठाए गए मुद्दे का जवाब दे रहे थे। श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत की स्मृति में आयोजित कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इससे पहले सदन के समक्ष एक प्रस्ताव लाया गया था और इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए समितियां भी गठित की गई थीं।
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निमंत्रण भेजे जाने के बावजूद विपक्ष की भागीदारी नहीं देखी गई
इन समितियों में विपक्ष के सदस्यों को भी शामिल किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित उपायुक्तों ने राज्य भर में आयोजित कार्यक्रमों में विपक्षी विधायकों को आमंत्रित किया था, लेकिन विपक्षी सदस्य उनमें भाग लेते हुए नहीं देखे गए। विपक्ष की अनुपस्थिति पर खेद व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भारी मन से इस मामले को सदन के समक्ष रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत जैसे महत्वपूर्ण अवसर के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों के लिए समितियां गठित किए जाने और सभी संबंधित पक्षों को निमंत्रण भेजे जाने के बावजूद विपक्ष की भागीदारी नहीं देखी गई।
सरकारें आती-जाती रहेंगी, लेकिन राष्ट्र अटल रहेगा
श्री नायब सिंह सैनी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के शब्दों को याद करते हुए कहा कि सरकारें आती-जाती रहेंगी, लेकिन राष्ट्र अटल रहेगा। उन्होंने कहा कि गुरुओं ने समाज को संकीर्ण विचारों से ऊपर उठकर व्यापक हित के लिए काम करने का संदेश भी दिया है। उन्होंने आगे कहा कि इस संदेश को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
सभी को एकजुट होकर सामूहिक रूप से योगदान देना चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को समाज और मानवता के लिए हमारे संतों और गुरुओं द्वारा सहे गए कष्टों, उनके बलिदानों और मानव कल्याण के प्रति उनके आजीवन समर्पण के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज से जुड़ी पवित्र भूमि की पावन मिट्टी हर घर तक पहुंचनी चाहिए। इसलिए, ‘संत शिरोमणि गुरु रविदास समरसत संकल्प अभियान’ को राजनीति से ऊपर उठकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी ऐसे महान संतों और व्यक्तित्वों की जयंती या स्मृतित्सव मनाया जाए, तो सभी को एकजुट होकर सामूहिक रूप से योगदान देना चाहिए।
जनता से आयोजित कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में लाया गया सरकारी प्रस्ताव संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार संतों और महान व्यक्तित्वों को सम्मानित करने और उनकी शिक्षाओं और संदेशों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुओं की शिक्षाओं से यह संदेश मिलता है कि कोई भी व्यक्ति जन्म से ऊंचा या नीचा नहीं होता, बल्कि कर्म ही व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्धारण करते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों से अन्य बातों से ऊपर उठकर, संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक रूप से काम करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि संतों और महान व्यक्तित्वों की शिक्षाएं और संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचें। उन्होंने हरियाणा के लोगों, विशेष रूप से संतों, महंतों, धार्मिक उपदेशकों, डेरा प्रमुखों, मंदिर समितियों और सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों से ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसत संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की।






