CM Mann conferred 515 degrees and academic honors: समारोह के दौरान, शैक्षणिक वर्ष 2024, 2025 और 2026 के 515 पीएचडी शोध छात्रों, स्नातक छात्रों और स्नातकोत्तर स्वर्ण पदक विजेताओं को डिग्री और शैक्षणिक सम्मान से सम्मानित किया गया।
पंजाब से संबंधित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देना
दीक्षांत समारोह का एक उल्लेखनीय पहलू आईकेजी पीटीयू-स्पार्क कार्यक्रम का शुभारंभ था, जिसका उद्घाटन पंजाब के मुख्यमंत्री एस. भगवंत सिंह मान ने विश्वविद्यालय अनुसंधान फैलोशिप कार्यक्रम के तहत किया। इस योजना का उद्देश्य पंजाब से संबंधित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देना और राज्य की विकास संबंधी चुनौतियों के लिए साक्ष्य-आधारित समाधान खोजना है। अपने संबोधन के दौरान एस. भगवंत सिंह मान ने कहा कि विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपने अनूठे योगदान के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। इस अवसर पर माननीय कैबिनेट मंत्री एस. हरजोत सिंह बैंस ने शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार के दूरदर्शी दृष्टिकोण पर अपने विचार साझा किए।
विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार बंसल ने बताया कि वर्तमान में पंजाब भर के 210 संबद्ध महाविद्यालय आईकेजीपीटीयू से संबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के दौरान विश्वविद्यालय को ₹2.46 करोड़ के बाह्य वित्त पोषित अनुसंधान परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं और वर्तमान में 320 पंजीकृत पीएचडी छात्रों को सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष के दौरान 1,87,383 छात्रों की परीक्षाएं आयोजित की गईं और 1,86,999 छात्रों के परिणाम घोषित किए गए।
विधायक एस. अमृतपाल सिंह सुखनंद को विश्वविद्यालय द्वारा सम्मानित किया गया
छात्र विकास पहलों के बारे में जानकारी देते हुए कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय ने लगभग 90 प्रशिक्षण, प्लेसमेंट और करियर विकास गतिविधियां आयोजित कीं, जिनके माध्यम से हजारों छात्रों को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिले। विश्वविद्यालय के गौरवशाली पूर्व छात्र और बाघपुराना (मोगा) से विधायक एस. अमृतपाल सिंह सुखनंद भी दीक्षांत समारोह में उपस्थित थे और विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. नवदीपक संधू ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। डॉ. संधू ने 14वें दीक्षांत समारोह के संयोजक के रूप में अपने दायित्वों का अत्यंत कुशलतापूर्वक और समर्पणपूर्वक निर्वहन किया। समारोह की योजना, समन्वय और सफल आयोजन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। तकनीकी शिक्षा निदेशक श्री मनीष कुमार, आईएएस, महाराजा रणजीत सिंह पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय, बठिंडा के कुलपति प्रोफेसर संजीव शर्मा और आईकेजीपीटीयू के पूर्व कुलपति डॉ. रजनीश अरोरा भी समारोह में उपस्थित थे। परीक्षा नियंत्रक डॉ. परमजीत सिंह ने मुख्य समन्वयक के रूप में कार्य किया, जबकि आईकेजीपीटीयू के उप रजिस्ट्रार श्री रजनीश कुमार शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया। विश्वविद्यालय के डीन प्रो. डॉ. नील कांत ग्रोवर (डीन अकादमिक), प्रो. डॉ. आशीष अरोरा (डीन अनुसंधान एवं विकास), डॉ. आर.पी.एस. बेदी (डीन कॉलेज विकास एवं पी एंड ईपी) और डॉ. गौरव भार्गव (डीन संकाय विकास) ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में, सभी अतिथियों ने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई दी और उन्हें पंजाब और देश की सामाजिक-आर्थिक प्रगति के लिए नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और अन्य क्षेत्रों में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।






