Water samples collected from approximately 90 government schools in Rewari district are not fit for drinking: रेवाड़ी जिले के लगभग 90 सरकारी स्कूलों से लिए गए पानी के नमूने पीने योग्य नहीं पाए गए हैं, जिससे स्कूली बच्चों द्वारा पिए जा रहे पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। जिले में कुल 639 सरकारी स्कूल हैं। जिन 90 स्कूलों के पानी के नमूने लैब टेस्ट में फेल हुए हैं, उनमें से 61 स्कूल बावल ब्लॉक में, 10 नाहर ब्लॉक में और 4 जाटूसाना ब्लॉक में स्थित हैं। यहां यह बताना जरूरी है कि जिले के खोल ब्लॉक के सभी 107 सरकारी स्कूलों से लिए गए पानी के नमूने पीने योग्य पाए गए। हालाँकि, ज़िला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि पानी के ये नमूने स्कूल प्रशासन द्वारा लिए गए थे, न कि जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (Public Health and Engineering Department) द्वारा।
साफ पानी की सप्लाई के लिए जरूरी कदम
रेवाड़ी के ADC राहुल मोदी ने बताया, “स्कूलों में सप्लाई किए जा रहे पीने के पानी के नए नमूने जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के संबंधित अधिकारियों द्वारा लिए जाएंगे। अगर पानी के इन नए नमूनों में भी पानी पीने योग्य नहीं पाया जाता है, तो जिले के सभी स्कूलों में साफ़ पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जायेंगे।” आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हाल ही में जिले के सरकारी स्कूलों से पीने के पानी के नमूने लिए गए थे। पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए इन नमूनों को लैब में भेजा गया था। लैब टेस्ट की रिपोर्ट से पता चला कि 90 स्कूलों से लिए गए पानी के नमूने पीने लायक नहीं थे।
‘टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स’ (TDS) का स्तर तय सीमा से ज़्यादा
सूत्रों का कहना है कि पानी के कई नमूनों में ‘टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स’ (TDS) का स्तर तय सीमा से ज़्यादा पाया गया। सूत्रों ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से पीने के पानी का उचित कनेक्शन न होने के कारण, कुछ सरकारी स्कूलों के छात्र बोरवेल या हैंडपंप पर निर्भर हैं। उन्होंने आगे बताया कि कुछ स्कूलों में तो पानी के फ़िल्टर या प्यूरीफ़ायर हैं ही नहीं, जबकि कई अन्य स्कूलों में ये उपकरण लगे तो हैं, लेकिन काम नहीं कर रहे हैं।
स्कूलों में साफ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करें
मामले की गंभीरता को देखते हुए, शिक्षा विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए हैं और संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। रेवाड़ी जिले के नोडल अधिकारी (शिक्षा) और उप-जिला शिक्षा अधिकारी (DDEO) ने बावल, जाटूसाना, नाहर और रेवाड़ी ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्कूलों में साफ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करें।
जल्द से जल्द पेयजल कनेक्शन लिया जाना चाहिए
DDEO सह-नोडल अधिकारी के पत्र में कहा गया है, “जिन स्कूलों में अभी तक जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (Public Health and Engineering Department) का पेयजल कनेक्शन नहीं है, या जहां का पानी पीने योग्य नहीं है, वहां जल्द से जल्द पेयजल कनेक्शन लिया जाना चाहिए। जिन स्कूलों में कनेक्शन तो है, लेकिन पानी पीने योग्य नहीं पाया गया है, उन्हें अपने पानी के स्टोरेज टैंक साफ करवाने चाहिए। जिन स्कूलों में अभी तक पानी की जांच नहीं हुई है, वहां तुरंत पानी की जांच करवाई जानी चाहिए।”
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