Punjab CM airport episode: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज आरोप लगाया कि पेरिस से लौटने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग (कस्टम विभाग) ने उन्हें लगभग दो घंटे तक परेशान किया। उन्होंने इस घटना को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की आम आदमी पार्टी (AAP) की मांग से जोड़ा।
दो घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा
मुख्यमंत्री मान ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ AAP के रुख का बदला लेने के लिए की गई थी। उन्होंने वरिष्ठ कस्टम अधिकारी मनीष कुमार को ज्ञानेश कुमार का भाई बताया। यह विवाद इस हफ्ते की शुरुआत में मान के पेरिस से लौटने से जुड़ा है। खबरों के अनुसार, कस्टम अधिकारियों ने मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर के सामान की जांच की और बाद में उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया। AAP का आरोप है कि मान को हवाई अड्डे से जाने की अनुमति मिलने से पहले वहां दो घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा।
AAP और BJP के बीच राजनीतिक बयानबाजी शुरू
इस घटना के बाद AAP और BJP के बीच राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। पंजाब की सत्ताधारी पार्टी का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों और अधिकारियों का इस्तेमाल उसके नेतृत्व को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। BJP के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पोस्ट किया गया है कि मान के सामान में डिजाइनर जूते, बेल्ट और अन्य महंगी चीजें मिली हैं।
अमित शाह यह तय नहीं कर सकते कि सरकार कौन बनाएगा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस दावे पर कि पंजाब में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार बनाएगा, मान ने कहा कि यह फैसला राज्य की जनता करेगी। उन्होंने कहा, “अमित शाह यह तय नहीं कर सकते कि सरकार कौन बनाएगा। यह फैसला पंजाब के तीन करोड़ लोग करेंगे।”
BJP के इस दावे पर कि सत्ता में आने के दो साल के भीतर वे पंजाब में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को खत्म कर देंगे, मान ने 2007 से 2017 तक शिरोमणि अकाली दल-BJP सरकार के कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस दौरान पंजाब में नशीले पदार्थों के सबसे बड़े गिरोह (ड्रग कार्टेल) फले-फूले थे। बंदरगाहों पर 20,000 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ पकड़े जाने के संबंध में अमित शाह के बयान का जिक्र करते हुए, मान ने कहा कि AAP हमेशा से कहती रही है कि केंद्र के नियंत्रण वाले बंदरगाहों के जरिए ही देश में नशीले पदार्थ आते हैं।
यह बयानबाजी ऐसे समय में हुई है जब पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या और मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर राजनीतिक टकराव चल रहा है। बीजेपी ने ‘आप’ सरकार पर नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है, जबकि राज्य सरकार ने झोटा की हत्या की जांच सीबीआई को सौंप दी है।
कांग्रेस को सिर्फ हंगामा करना आता है
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस के वॉकआउट (सदन से बाहर जाने) पर मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पार्टी को कार्यवाही में बाधा डालने के बजाय चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने कहा, “कांग्रेस को सिर्फ हंगामा करना आता है। पहले तो वे कहते हैं कि सत्र नहीं बुलाया गया, और फिर जब सत्र होता है तो वे उसमें शामिल नहीं होते। उन्हें चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए।”






