Amit Shah visits Haryana today: कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पड़ोसी राज्य पंजाब में चुनावी बिगुल फूंके जाने के एक दिन बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को हरियाणा पहुंचेंगे। वे यहां बीजेपी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का नेतृत्व करेंगे। हरियाणा में सत्ताधारी पार्टी की यह तीसरी ऐसी पदयात्रा है।
1 नवंबर को ‘हरियाणा दिवस’ के मौके पर, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के साथ रोहतक में पदयात्रा में हिस्सा लिया। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने फरीदाबाद में ऐसी ही एक यात्रा में भाग लिया। इन यात्राओं का मकसद कांग्रेस के उन आरोपों का जवाब देना था, जिनमें उसने ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची में ‘अनियमितताओं’ (SIR के नाम पर) का दावा किया था। इन मार्च का उद्देश्य कांग्रेस के चुनावी धांधली के आरोपों को चुनौती देना और बीजेपी के उस अभियान को पेश करना था, जिसे पार्टी ‘राजनीतिक अराजकता’ के खिलाफ बताती है। दिलचस्प बात यह है कि अपने संबोधन के दौरान, नितिन नवीन ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने ऐसे समय में इस संवेदनशील मुद्दे को उठाया है, जब बीजेपी का पूरा ध्यान अगले साल की शुरुआत में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली में रैली में शामिल होने के बजाय, राहुल गांधी और कांग्रेस को 1984 के सिख-विरोधी दंगों के लिए माफी मांगनी चाहिए थी।
हालांकि हरियाणा में फिलहाल कोई चुनाव नहीं होने हैं, लेकिन राज्य में बीजेपी की पदयात्राएं, विरोध प्रदर्शन और अन्य राजनीतिक कार्यक्रम एक बड़ी रणनीति का हिस्सा लगते हैं, जो पड़ोसी राज्य पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों से जुड़ी है। एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा, “ऐसा लगता है कि पार्टी हरियाणा में अपनी राजनीतिक गतिविधियों का इस्तेमाल एक नैरेटिव बनाने और पंजाब में अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए कर रही है। यह रणनीति मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पंजाब के लगातार दौरों और हरियाणा में सिख समुदाय तक पहुंचने के लिए की गई घोषणाओं में भी दिखती है। इन सबका मकसद राज्य की सीमा के पार एक बड़ा राजनीतिक संदेश देना और पंजाब चुनावों से पहले बीजेपी के जनाधार को मजबूत करना है।”
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में हुई चूक को लेकर चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए
इस बीच, हरियाणा में अमित शाह के दौरे से पहले कांग्रेस ने आठ अहम सवाल उठाए हैं। पार्टी ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों से चुनावी गड़बड़ियों, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और किसानों के कल्याण जैसे मुद्दों पर जवाबदेही मांगी है। एक बयान में, AICC के हरियाणा प्रभारी संजय दत्त और हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि अमित शाह को 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनावों में ‘वोट चोरी’ को लेकर राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने मतदाता रिकॉर्ड और मतदाता सूची में कथित ‘अनियमितताओं’ की पारदर्शी जांच की मांग की है।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग में नियुक्तियों से जुड़े 2023 के कानून पर भी सवाल उठाए हैं। विशेष रूप से, चयन समिति से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को बाहर रखने और चुनाव आयुक्तों को दिए गए कानूनी संरक्षण पर पार्टी ने आपत्ति जताई है। हरियाणा की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए, कांग्रेस ने अमित शाह से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों, हत्याओं, अपहरण और जबरन वसूली के मामलों में सरकार के रिकॉर्ड पर स्पष्टीकरण मांगा है।
पार्टी नेताओं ने 2023 में विरोध प्रदर्शन कर रही महिला पहलवानों के साथ हुए बर्ताव का भी जिक्र किया और उनके खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के लिए जवाबदेही की मांग की। कांग्रेस के सवालों में किसानों से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से शामिल हैं, जिनमें MSP की कानूनी गारंटी, फसलों की समय पर खरीद और भुगतान, फसल नुकसान का मुआवजा, और 2020-21 के किसान आंदोलन से निपटने के केंद्र सरकार के तरीके पर सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हरियाणा से बाहर अक्सर रहने पर सवाल उठाया और उनके विदेशी दौरों के नतीजों की जानकारी मांगी। पार्टी ने पूछा कि वे ‘अनिवासी हरियाणवी’ (non-resident Haryanvi) क्यों बन गए हैं? संजय दत्त ने कहा, “लोकतंत्र की असली परीक्षा इस बात से नहीं होती कि कोई राजनीतिक दल कितने जोर-शोर से नारे लगाता है, बल्कि इस बात से होती है कि वह जनता के जनादेश और उसकी रक्षा करने वाली संस्थाओं से जुड़े सवालों का कितनी पारदर्शिता और ईमानदारी से जवाब देता है।”






