Mawan Dhiyan Satkar Yojana: महंगाई के दौर में महिलाओं को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री मांवां-धियां सत्कार योजना’ लाखों परिवारों के लिए मददगार साबित हो रही है। सरकार के अनुसार, 25 जून 2026 तक पंजीकरण कराने वाली करीब 33 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में सहायता राशि भेजी जा चुकी है, जबकि शेष पात्र महिलाओं को यह राशि 1 अगस्त को मिलेगी। अब तक इस योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं ने पंजीकरण कराया है।
36–59 साल की महिलाओं को सबसे ज्यादा लाभ
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना का सबसे अधिक लाभ 36 से 59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को मिला है। कुल लाभार्थियों में 36–45 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं की हिस्सेदारी 25.2 प्रतिशत, जबकि 46–59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं की हिस्सेदारी 25.4 प्रतिशत है। यानी कुल लाभार्थियों में आधे से अधिक महिलाएं इसी आयु वर्ग की हैं।
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आर्थिक जिम्मेदारियों के समय मिल रहा सहारा
36 से 59 वर्ष की उम्र में महिलाओं पर बच्चों की शिक्षा, कॉलेज में दाखिला, शादी, स्वास्थ्य सेवाएं, मकान, ऋण की किस्तें और बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल जैसी कई आर्थिक जिम्मेदारियां होती हैं। ऐसे समय में योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि महिलाओं को घरेलू खर्चों में सहयोग देने और आर्थिक दबाव कम करने में मदद कर रही है।
बच्चों की पढ़ाई में काम आई सहायता राशि
फाजिल्का जिले के धनी खरासवाली गांव की 48 वर्षीय सुनीता रानी ने बताया कि इस योजना से मिली राशि से उन्होंने अपने बेटे की स्कूल फीस भरी और परिवार के खर्च में सहयोग किया। उनकी बेटी बीटेक की पढ़ाई कर रही है, जबकि बेटा 11वीं कक्षा में है। उन्होंने कहा कि गृहिणी होने के कारण उनकी कोई निजी आय नहीं है, इसलिए यह सहायता उनके लिए काफी उपयोगी साबित हुई।
इलाज और घरेलू जरूरतों में मिली राहत
फिरोजपुर की 55 वर्षीय पच्छो ने बताया कि पति के निधन के बाद वह अपनी तलाकशुदा बेटी और नाती के साथ रहती हैं। आर्थिक तंगी और खराब स्वास्थ्य के बीच इस योजना से मिली राशि का उपयोग उन्होंने इलाज और घरेलू जरूरतों के लिए किया। इसी सहायता से वह अपने नाती की स्कूल फीस भी भर सकीं।
बचत और बच्चों के भविष्य पर खर्च कर रहीं महिलाएं
सेल्फ हेल्प ग्रुप की सदस्य 46 वर्षीय करमजीत कौर ने बताया कि योजना की राशि से उन्होंने चश्मा बनवाया, स्कूटी में पेट्रोल भरवाया और अब वह अपने राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी बेटे के खेल संबंधी खर्चों के लिए इस राशि का उपयोग करेंगी। उन्होंने सरकार की जनकल्याण और खेलों को बढ़ावा देने वाली योजनाओं की भी सराहना की।
स्कूल फीस और इलाज में भी मिल रही मदद
फाजिल्का की 28 वर्षीय प्रीति, जो घरों में काम करती हैं, ने बताया कि इस सहायता राशि से उन्होंने अपने दोनों बच्चों की स्कूल फीस जमा की। वहीं, विधवा बलजीत कौर ने कहा कि इस योजना से मिली राशि से वह अपने इलाज का खर्च उठा सकीं, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिली।
महिलाओं को आर्थिक मजबूती दे रही योजना
पंजाब के विभिन्न जिलों से सामने आए लाभार्थियों के अनुभव बताते हैं कि ‘मुख्यमंत्री मांवां-धियां सत्कार योजना’ महिलाओं को समय पर आर्थिक सहायता देकर उन्हें परिवार की जिम्मेदारियां निभाने, बच्चों की पढ़ाई जारी रखने और बढ़ती महंगाई के बीच आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।






