CM सैनी ने युवाओं के लिए इंडस्ट्री से जुड़ी ट्रेनिंग पर दिया जोर

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Haryana Skill Gap Study: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं को नौकरी की बदलती जरूरतों के लिए तैयार करने के लिए उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल की बात कही है। उन्होंने गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में ‘हरियाणा स्टेट स्किल गैप स्टडी’ और 23 जिला-स्तरीय ‘स्किल गैप रिपोर्ट’ जारी करते हुए ये बातें कहीं। ये रिपोर्ट उद्योगों की जरूरतों, अलग-अलग जिलों में मौजूद टैलेंट और युवाओं के कौशल व क्षमताओं के आधार पर रोजगार के मौकों का आकलन करती हैं। उम्मीद है कि इन रिपोर्ट से राज्य को स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से ट्रेनिंग प्रोग्राम बनाने में मदद मिलेगी।

हरियाणा स्किल गैप स्टडी उद्योगों की जरूरतों पर केंद्रित 

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्होंने ज़ोर दिया कि उद्योगों की बदलती जरूरतों के हिसाब से युवाओं को सही कौशल और दिशा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे सेक्टर तेज़ी से बढ़ रहे हैं। इसलिए, स्किल ट्रेनिंग को भी इन बदलावों के साथ तालमेल बिठाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) और पॉलिटेक्निक को उद्योगों से जोड़ा जा रहा है ताकि छात्र असल वर्कप्लेस की जरूरतों के आधार पर ज़्यादा प्रैक्टिकल ट्रेनिंग ले सकें।

ट्रेनिंग के लिए ज़िला-वार स्किल रिपोर्ट से मिलेगी मदद

जिला-स्तरीय रिपोर्ट का उद्देश्य अधिकारियों को यह समझने में मदद करना है कि हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों में किन कौशलों और कोर्स की जरूरत है। मुख्यमंत्री सैनी ने एक ऐसा पोर्टल बनाने का सुझाव दिया जो उद्योगों को कितने और किस तरह के कुशल कर्मचारियों की ज़रूरत है, इसकी जानकारी दे सके। इसके बाद ITI और पॉलिटेक्निक इस जानकारी का इस्तेमाल भविष्य में कर्मचारियों की ज़रूरतों के हिसाब से छात्रों को ट्रेनिंग देने के लिए कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट के नतीजों पर ITI, पॉलिटेक्निक और उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की जानी चाहिए। 

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हरियाणा के युवाओं के लिए AI और उभरती टेक्नोलॉजी के कौशल

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम और पंचकूला में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब बनाने का काम चल रहा है। उन्होंने लिथियम, सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए युवाओं को तैयार करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। मुख्यमंत्री सैनी ने यह भी कहा कि डिग्री होना ही किसी व्यक्ति की योग्यता का एकमात्र पैमाना नहीं होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेशन कोर्स लोगों को सही कौशल के साथ बेहतर रोजगार के मौके पाने में मदद कर सकते हैं। नतीजों और भविष्य में ट्रेनिंग की ज़रूरतों पर चर्चा करने के लिए ITI, पॉलिटेक्निक, यूनिवर्सिटी, स्किल यूनिवर्सिटी और उद्योगों को शामिल करते हुए एक दिन के सेमिनार का भी प्रस्ताव रखा गया है।

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