700 Government School Buildings to Be Constructed Within One Year : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि वे राज्य भर के लगभग 700 जर्जर स्कूलों में नई इमारतों के निर्माण के लिए जल्द से जल्द टेंडर मंगाकर काम में तेज़ी लाएं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि छात्रों को बेहतर पढ़ाई का माहौल देने के लिए निर्माण की गुणवत्ता पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए।स्कूल की नई इमारतों में आधुनिक डिज़ाइन की खूबियां होनी चाहिए और उनमें हवा-रोशनी का अच्छा इंतज़ाम होना चाहिए। हर स्कूल की इमारत में सोलर सिस्टम भी लगाया जाना चाहिए ताकि गर्मियों में छात्रों को कोई परेशानी न हो। उन्होंने निर्देश दिया कि इन सभी इमारतों का निर्माण अगले एक साल के अंदर पूरा हो जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने राज्य में स्कूली शिक्षा से जुड़ी विभिन्न पहलों, जर्जर इमारतों के पुनर्निर्माण, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षकों के खाली पदों, डिजिटल शिक्षा और छात्रों की सुरक्षा की समीक्षा की। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, स्कूलों को आधुनिक बनाने और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने पर भी चर्चा हुई।
हरियाणा में 14,297 सरकारी स्कूल
स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया ने बैठक में बताया कि राज्य सरकार पूरे हरियाणा में कुल 14,297 स्कूल चलाती है। इनमें से 719 स्कूलों को मॉडल स्कूल का दर्जा दिया गया है, जिनमें हर पांच किलोमीटर पर स्थित CM-EEE स्कूल और हर दस किलोमीटर पर स्थित PM SHRI और सरकारी मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में नई इमारतें बनाने और ज़रूरत के हिसाब से मरम्मत करने, ICT लैब बनाने, हर स्कूल में कम से कम एक टू-वे कम्युनिकेशन सिस्टम लगाने, शिक्षकों के खाली पद भरने और अन्य ज़रूरी सुविधाएं देने का काम चल रहा है।
सभी 719 मॉडल स्कूलों में कंप्यूटर लैब बनाई जाएंगी
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिया कि चालू वर्ष के दौरान सभी 719 मॉडल स्कूलों में कम से कम 10 कंप्यूटर वाली ICT लैब स्थापित की जाए। उन्होंने HARTRON को कंप्यूटर खरीदने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने सरकारी स्कूलों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान खोजने का भी निर्देश दिया। इसके लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी अपनाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि विभाग को समय-समय पर उनके द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन तय समय सीमा के भीतर किया जाना चाहिए।
सभी स्कूलों में पीने के पानी की गुणवत्ता की जांच होगी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य भर के सभी 14,297 स्कूलों में पीने के पानी की गुणवत्ता की जांच की जाए। जिन स्कूलों में पानी की गुणवत्ता तय मानकों के अनुरूप नहीं है, उनकी सूची तैयार कर सौंपी जाए ताकि पीने का पानी उपलब्ध कराने वाले संबंधित विभाग सुधारात्मक कदम उठा सकें। जहां जरूरत होगी, वहां RO सिस्टम भी लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के स्कूलों में जरूरी काम संबंधित अतिरिक्त उपायुक्तों (ADCs) के माध्यम से किए जाएंगे। इसके लिए उन्होंने वित्त विभाग को हर जिले के लिए 1 करोड़ रुपये जारी करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने विभाग को हर जिले में चल रहे कामों की प्रगति की निगरानी के लिए एक पोर्टल विकसित करने का भी निर्देश दिया। अतिरिक्त उपायुक्त और शिक्षा विभाग हर महीने स्कूल सुधार कार्यों की समीक्षा करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री खुद हर तीन महीने में विभाग की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
पौधारोपण अभियान के तहत 10 लाख पौधे लगाए गए
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि राज्यव्यापी पौधारोपण अभियान के तहत 10,47,122 पौधे लगाए गए, जिसमें 13,126 स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया। इस पहल में कुल 11,77,766 छात्रों और 74,419 शिक्षकों ने भाग लिया। यह पहल छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्कूलों में हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान के तहत लगाए गए पौधों की सुरक्षा और उचित देखभाल सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्कूल परिसर के ऊपर से गुजरने वाली हाई-टेंशन बिजली की तारों को हटाने का काम सुनिश्चित करें। उन्होंने विभाग को यह भी निर्देश दिया कि टेंडर प्रक्रिया के जरिए सभी स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर खेल का सामान उपलब्ध कराया जाए, ताकि छात्र कम उम्र से ही खेल की भावना विकसित कर सकें। उन्होंने शिक्षकों के खाली पदों को भरने, पार्ट-टाइम सफाई कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट, गैर-शिक्षण कार्यों के लिए अलग कैडर बनाने और शिक्षकों के मेडिकल व लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC) बिलों की स्थिति से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा की। उन्होंने इन मामलों को लेकर अधिकारियों को ज़रूरी निर्देश दिए। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, HARTRON के प्रबंध निदेशक श्री यश गर्ग, स्कूल शिक्षा महानिदेशक श्री जितेंद्र कुमार, मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव डॉ. यशपाल सिंह, वित्त विभाग के विशेष सचिव कैप्टन मनोज कुमार, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सुश्री मनीता मलिक, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक स्वप्निल पाटिल और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।






