‘बोलते धीरे हैं, लेकिन काम तेज़ करते हैं’, अमित शाह ने नायब सिंह सैनी की शासन शैली की प्रशंसा

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Bolte Dheere Hain, Lekin Kaam Tez Karte Hain: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सैनी का स्वभाव भले ही शांत और सौम्य है, लेकिन वे काम बहुत तेजी से पूरा करते हैं। शाह ने जोर देकर कहा कि 2029 में राज्य में वोट मांगने से पहले, भाजपा अपने सभी संकल्पों और गारंटियों को पूरा करेगी। अंबाला में ‘आजादी की पहली लड़ाई (1857) के शहीद स्मारक’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, “वे बोलते धीरे हैं, लेकिन काम तेजी से करते हैं।” नायब सिंह सैनी को एक ऐसा मुख्यमंत्री बताया जो तेजी से परिणाम देता है, और केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 2029 में भाजपा अपने सभी संकल्पों को पूरा करने के बाद ही हरियाणा की जनता के बीच जाएगी। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, कैबिनेट मंत्री अनिल विज, भाजपा की हरियाणा प्रभारी स्मृति ईरानी और भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता भी मौजूद थीं।

भारत की आजादी की पहली लड़ाई के नायकों को श्रद्धांजलि देते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में अंबाला का एक विशेष स्थान है। यहीं पर, 10 मई 1857 को क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ बिगुल फूंका था। इस विद्रोह ने पूरे देश में एक ऐसी लहर पैदा कर दी, जिसने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी। अंबाला की ऐतिहासिक धरती को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि इस विद्रोह ने दुनिया को चौंका दिया था, क्योंकि इसने एक ऐसे साम्राज्य को चुनौती दी थी, जिसके बारे में कहा जाता था कि वहां कभी सूरज नहीं डूबता।

1857 आजादी की लड़ाई थी, न कि सिर्फ एक विद्रोह: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री ने उन इतिहासकारों की आलोचना की, जो ब्रिटिश औपनिवेशिक सोच और वामपंथी विचारधारा से प्रभावित हैं। उन्होंने 1857 की घटनाओं को ‘स्वतंत्रता संग्राम’ के बजाय केवल एक ‘विद्रोह’ बताने के लिए उनकी निंदा की। वीर सावरकर के विचारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ‘विद्रोह’ शब्द अंग्रेजों के नजरिए को दर्शाता है, जबकि भारतीयों के लिए यह आजादी की लड़ाई थी। अमित शाह ने कहा कि 1857 से 1947 तक चले 90 वर्षों के संघर्ष में अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना बलिदान दिया। उनके बलिदानों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के एक विकसित राष्ट्र बनने की आकांक्षा की नींव रखी।

बाबू कुंवर सिंह के असाधारण साहस को याद करते हुए, उन्होंने कहा कि इस स्वतंत्रता सेनानी ने 87 वर्ष की आयु में ब्रिटिश सेना का सामना किया था। जब उनके बाएं हाथ में गोली लगी, तो उन्होंने अपने दाहिने हाथ से उस घायल हिस्से को काट दिया और संघर्ष जारी रखा, अंततः अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। उन्होंने कहा कि उनका साहस उस असाधारण त्याग की भावना को दर्शाता है, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम की पहचान थी। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जो राष्ट्र अपनी स्वतंत्रता की कीमत को नहीं पहचानता और इसके लिए अपने प्राण न्योछावर करने वालों का सम्मान नहीं करता, वह कभी भी स्थायी प्रगति हासिल नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि शहीदों की कहानियों को देश के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘आज़ादी की पहली लड़ाई (1857) का शहीद स्मारक’ पूरे भारत के युवाओं के लिए देशभक्ति की प्रेरणा का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। अमित शाह ने इस परियोजना को पूरा करने में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और कैबिनेट मंत्री श्री अनिल विज के प्रयासों की सराहना की।

 

22 एकड़ में फैला शहीद स्मारक 1857 के इतिहास को जीवंत करता है

केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि 22 एकड़ में फैले इस शहीद स्मारक में 23 गैलरियां हैं, जो 1857 के विद्रोह की घटनाओं और बलिदानों को दर्शाती हैं। इस परिसर में होलोग्राफी, इंटरैक्टिव प्रोजेक्शन और ऐतिहासिक प्रदर्शनियों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख घटनाओं को फिर से जीवंत किया गया है। यहां हरियाणा की पारंपरिक कला और शिल्प, जैसे कि फुलकारी और सरकंडा शिल्पकारी को भी प्रदर्शित किया गया है। 2,500 सीटों वाला एक ओपन-एयर थिएटर और लाइट-एंड-साउंड शो आगंतुकों को इस ऐतिहासिक विद्रोह का एक जीवंत अनुभव प्रदान करते हैं। अमित शाह ने देश भर के युवाओं से आग्रह किया कि वे इस शहीद स्मारक पर आएं, भारत की स्वतंत्रता दिलाने वाले बलिदानों के बारे में जानें और शहीदों को श्रद्धांजलि देंं

 

हरियाणा की वीरता की विरासत और राष्ट्र-निर्माण में योगदान

हरियाणा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए, अमित शाह ने प्राचीन सरस्वती नदी, वेदों की रचना और भगवान श्री कृष्ण द्वारा दिए गए भगवद गीता के संदेश के साथ इसके जुड़ाव को याद किया। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक चिंतन में महाराजा अग्रसेन के योगदान, और स्वतंत्रता संग्राम में राजा नाहर सिंह तथा राव तुला राम की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में योगदान के जरिए राज्य की वीरता की परंपरा कायम रही है, और इस बात पर जोर दिया कि देश की सेवा करने वाले सैनिकों में हरियाणा के सैनिकों की संख्या सबसे अधिक है। उन्होंने खेलों में हरियाणा की उपलब्धियों की भी सराहना की और कहा कि यहां के खिलाड़ियों ने भारत की पदक तालिका में लगातार अहम योगदान दिया है।

हरियाणा के किसानों ने देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने देश के अन्न भंडारों को तब भरा था, जब देश आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने कहा कि राज्य ने ‘श्वेत क्रांति’ (White Revolution) में भी बड़ा योगदान दिया है। इस मौके पर, केंद्रीय गृह मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग 152G के जलबेरा-शाहबाद खंड का भी उद्घाटन किया, जिसे 1,260 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।

 

12 वर्षों में हरियाणा में बड़ा बदलाव आया है: अमित शाह

हरियाणा के 60 साल पूरे होने का जिक्र करते हुए, अमित शाह ने कहा कि राज्य की जनता ने पिछले 12 वर्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर अपना भरोसा जताया है। उन्होंने इस दौरान शासन और विकास में बड़े बदलाव लाने का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को दिया। राज्य की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा पहला ‘धुआं-मुक्त’ (smoke-free) राज्य बन गया है, जहां हर घर तक रसोई गैस सिलेंडर पहुंच चुके हैं।

 उन्होंने राज्य की कुछ प्रमुख पहलों का भी जिक्र किया, जैसे कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सभी फसलों की खरीद, तीन नए आपराधिक कानूनों को लागू करने वाला पहला राज्य बनना, भारत की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन की शुरुआत, और एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का विकास। अमित शाह ने कहा कि बीजेपी सरकार ने एक ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के जरिए ‘ट्रांसफर उद्योग’ (transfer industry) को खत्म कर दिया है, जिससे प्रशासनिक पदों पर तैनाती में पारदर्शिता आई है। अन्य प्रमुख पहलों में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देना, गांवों को ‘लाल डोरा’ (Lal Dora) से मुक्त करना और ‘परिवार पहचान पत्र’ प्रणाली की शुरुआत करना शामिल है। उन्होंने कहा कि हरियाणा एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां अब गांव ‘लाल डोरा’ की पाबंदियों से मुक्त हैं।

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पंजाब में MSP की गारंटी को लेकर अमित शाह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

पंजाब का जिक्र करते हुए, अमित शाह ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानूनी गारंटी की मांग को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी नशीले पदार्थों के दुरुपयोग (drug abuse) के खिलाफ अभियान के तहत पंजाब के दौरे पर थे, तब वहां के किसान लगातार यह मुद्दा उठाते रहे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी ने किसानों को MSP की गारंटी देने के बजाय, उन्हें उलझाए रखने के लिए एक ‘झुनझुना’ थमा दिया है।

 केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अगर पंजाब में BJP-NDA की सरकार बनती है, तो किसानों को MSP की गारंटी की मांग करने वाले प्लेकार्ड लेकर नहीं घूमना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा ने भी नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ अपने प्रयासों को तेज कर दिया है और राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण, कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, श्री महिपाल ढांडा, श्री विपुल गोयल, डॉ. अरविंद शर्मा, श्री श्याम सिंह राणा, श्री रणबीर गंगवा, श्री कृष्ण बेदी, श्रीमती श्रुति चौधरी, सुश्री आरती राव, राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम और उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा के साथ-साथ संसद सदस्य, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

 

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