Maruti’s mega plant starts operations in Kharkhoda: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। बुधवार (2 जुलाई 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची नई दिल्ली में आयोजित भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच के दौरान हरियाणा के IMT खरखौदा स्थित कंपनी के चौथे वाहन निर्माण संयंत्र का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।
800 एकड़ में फैला मेगा प्लांट (Mega plant)
खरखौदा स्थित यह प्लांट 800 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है और इसे दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों (Automobile manufacturing units) में शामिल करने की तैयारी है। इस परियोजना में सप्लायर इकोसिस्टम सहित 35,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है।
हर साल बनेंगी 10 लाख गाड़ियां
पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने के बाद यह संयंत्र हर साल 10 लाख वाहनों का उत्पादन करेगा। इससे मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) को अपनी कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता 40 लाख वाहनों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
21 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार
इस मेगा परियोजना से 21,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही, सहायक उद्योगों और सप्लाई चेन के जरिए हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होने की उम्मीद है।
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AI और Industry 5.0 तकनीक से लैस
मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने इस प्लांट को ‘सुजुकी स्मार्ट फैक्ट्री’ (‘Suzuki Smart Factory’) तर्ज पर विकसित किया है। इसमें इंडस्ट्री 5.0 आधारित तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, जिनमें शामिल हैं-
- AI आधारित ह्यूमन-अवेयर कोलैबोरेटिव रोबोट (Cobots)
- एडवांस डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम
- उत्पादकता और सुरक्षा बढ़ाने वाली ऑटोमेशन तकनीक
पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर
खरखौदा संयंत्र को पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए कई हरित पहल की गई हैं।
- 100 फीसदी नवीकरणीय बिजली का उपयोग
- जीरो लिक्विड डिस्चार्ज तकनीक
- 100 फीसदी जल पुनर्चक्रण
- 70 मेगावाट तक विस्तार योग्य सोलर पावर प्लांट
- 2026-27 में बायोगैस प्लांट शुरू करने की योजना
- हरित लॉजिस्टिक्स के लिए इन-प्लांट रेलवे साइडिंग
भारत-जापान साझेदारी को मिलेगी मजबूती
मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) जापान की सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन की सहायक कंपनी है और इसे भारत में जापानी निवेश की सबसे सफल कहानियों में से एक माना जाता है। खरखौदा परियोजना ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ विजन को भी नई गति देगी और भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में मजबूत करेगी।





