Land Pooling Policy: पंजाब सरकार ने लैंड पूलिंग पॉलिसी में बड़ा बदलाव करते हुए किसानों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण संशोधनों की अधिसूचना जारी की है। 6 जुलाई को जारी इस अधिसूचना में किसानों को मिलने वाले विकसित प्लॉट, विशेष अधिकार और वित्तीय सुविधाओं में कई सुधार किए गए हैं। इन बदलावों को 1 जुलाई को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद लागू किया गया। यह नीति ग्रेटर मोहाली और न्यू चंडीगढ़ क्षेत्र में लगभग 11,103 एकड़ भूमि अधिग्रहण से जुड़े हजारों किसानों और भविष्य के आवासीय विकास को प्रभावित करेगी।
क्या है लैंड पूलिंग पॉलिसी (Land Pooling Policy)?
लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत किसान अपनी कृषि भूमि सरकार को देते हैं और बदले में नकद मुआवजे की जगह विकसित आवासीय, व्यावसायिक या औद्योगिक प्लॉट प्राप्त करते हैं। सरकार जमीन पर सड़क, सीवर, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित कर उसका एक हिस्सा किसानों को लौटाती है। इससे किसानों को कृषि भूमि की तुलना में अधिक मूल्य वाली विकसित संपत्ति मिलती है।
प्लॉट का अधिकार बढ़ाया गया
नई अधिसूचना के अनुसार एक एकड़ या उससे अधिक जमीन देने वाले किसानों को मिलने वाले कमर्शियल SCO प्लॉट का अधिकार 200 से बढ़ाकर 210 वर्ग गज कर दिया गया है। वहीं केवल आवासीय विकल्प चुनने वालों के लिए प्लॉट का आकार 1,600 से बढ़ाकर 1,630 वर्ग गज कर दिया गया है। कमर्शियल श्रेणी में भी अधिकार 800 से बढ़ाकर 840 वर्ग गज कर दिया गया है।
छोटे किसानों को भी मिलेगा फायदा
पहले एक एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पाता था। अब ऐसे किसानों को उनकी जमीन के अनुपात में स्पेशल लेटर ऑफ इंटेंट (Special LOI) जारी किए जाएंगे। इन LOI को आपस में जोड़कर या ट्रांसफर कर भविष्य में विकसित प्लॉट प्राप्त किया जा सकेगा।
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साहुलियत सर्टिफिकेट की अवधि बढ़ी
सरकार ने साहुलियत सर्टिफिकेट की वैधता 2 साल से बढ़ाकर 4 साल कर दी है। इसके साथ किसानों को स्टांप ड्यूटी में दो विकल्प दिए गए हैं। वे या तो विकसित प्लॉट की रजिस्ट्री पर पूरी स्टांप ड्यूटी से छूट ले सकते हैं या फिर पंजाब में कहीं भी जमीन खरीदने पर इस छूट का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा ट्यूबवेल कनेक्शन लेने की समय सीमा भी चार साल कर दी गई है और PSPCL को प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन देने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी किसानों को मिलेगा आउस्टी कोटा
सरकार ने आउस्टी पॉलिसी में भी संशोधन किया है। अब चाहे किसान ने नकद मुआवजा लिया हो या लैंड पूलिंग योजना चुनी हो, दोनों को समान रूप से आवासीय प्लॉट का लाभ मिलेगा।
- 1 एकड़ तक भूमि: 200 वर्ग गज का प्लॉट
- 1 से 2.5 एकड़ तक: 300 वर्ग गज का प्लॉट
- 2.5 एकड़ से अधिक: 500 वर्ग गज का प्लॉट
क्या अभी बाकी है?
हालांकि नई अधिसूचना में किसानों की कई मांगों को शामिल किया गया है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे अभी भी अधिसूचित नहीं किए गए हैं। इनमें तीन साल के भीतर विकास कार्य पूरा करने की कानूनी समयसीमा, गांवों के विकास से जुड़े प्रावधान, बागों और भवनों के मूल्यांकन की नई नीति तथा तय समय पर काम पूरा नहीं होने पर दंडात्मक प्रावधान शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन संशोधनों से किसानों का भरोसा बढ़ेगा, भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवाद कम होंगे और ग्रेटर मोहाली तथा न्यू चंडीगढ़ के शहरी विकास को गति मिलेगी।





