No more neckties: हरियाणा के भिवानी में 7 वर्षीय बच्चे की स्कूल टाई से दम घुटने के कारण हुई मौत के बाद हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (Haryana State Commission for Protection of Child Rights) ने सभी स्कूलों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने राज्य के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, निजी और मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों से पारंपरिक गले में बांधी जाने वाली टाई को स्कूल यूनिफॉर्म से हटाने की अपील की है। आयोग की अध्यक्ष तृप्ति ने बताया कि इससे पहले भी हरियाणा के सोनीपत और राजस्थान के कुछ इलाकों में इस तरह की दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि खेलते समय बच्चे टाई के कारण हादसे का शिकार हो जाते हैं, जिन्हें रोका जा सकता है।
सेफ्टी टाई (Safety tie) अपनाने की सलाह
आयोग ने कहा है कि यदि स्कूल यूनिफॉर्म में टाई रखना जरूरी समझते हैं, तो क्लिप-ऑन (Breakaway) या वेल्क्रो (Quick Release) टाई का इस्तेमाल किया जाए, जो खिंचाव पड़ने पर तुरंत खुल जाती है और दुर्घटना का खतरा कम करती है।
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खेल के दौरान टाई पहनने पर रोक
एडवाइजरी में कहा गया है कि जब तक सुरक्षित विकल्प नहीं अपनाए जाते, तब तक छात्रों को खेल, शारीरिक शिक्षा (पीटी), खेल मैदान या ऐसी किसी भी गतिविधि के दौरान पारंपरिक टाई नहीं पहनाई जाए, जहां टाई किसी वस्तु में फंसने का खतरा हो।
अभिभावकों और शिक्षकों को भी किया जाएगा जागरूक
आयोग ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों को पारंपरिक टाई से जुड़े संभावित खतरों के बारे में जागरूक करें। इस संबंध में जारी एडवाइजरी को हरियाणा शिक्षा विभाग को भी भेज दिया गया है, ताकि इसे राज्य के सभी स्कूलों तक पहुंचाया जा सके।
भिवानी में कैसे हुआ हादसा?
हाल ही में भिवानी में एक मजदूर के 7 वर्षीय बेटे ने अपने बड़े भाई की स्कूल टाई पहनने की कोशिश की। खेलते समय टाई फंदे में बदल गई, जिससे उसका दम घुट गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आयोग ने कहा कि ऐसी दुर्घटनाएं पूरी तरह रोकी जा सकती हैं और जहां सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं, वहां केवल परंपरा के नाम पर बच्चों को जोखिम में नहीं डाला जाना चाहिए।






