Nakodar Fair : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान रविवार को जालंधर जिले के नकोदर में आयोजित वार्षिक मेले के दौरान डेरा अलमस्त बापू लाल बादशाह जी के दरबार पहुंचे। यहां उन्होंने माथा टेककर पंजाब में शांति, खुशहाली और सर्वांगीण विकास की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया और लोगों से मिले स्नेह और समर्थन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की धरती गुरुओं, पीरों, फकीरों और शहीदों की पावन धरती है। उनके आशीर्वाद से राज्य में भाईचारे, सांप्रदायिक सौहार्द और विकास की भावना हमेशा मजबूत रही है। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण के लिए पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम कर रही है।
‘पंजाब में नफरत की फसल नहीं उग सकती’
सभा को संबोधित करते हुए भगवंत मान ने कहा कि पंजाब मेलों और त्योहारों की धरती है, जहां सभी धर्मों के लोग मिलकर हर पर्व मनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह ऐसी उपजाऊ भूमि है जहां हर बीज उग सकता है, लेकिन नफरत का बीज कभी नहीं पनप सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब की सबसे बड़ी ताकत यहां का भाईचारा और सामाजिक एकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जल्द ही श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को भी सभी लोग मिलकर मनाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाजनकारी ताकतें पंजाब में कभी सफल नहीं हो सकतीं क्योंकि यहां के लोगों के बीच आपसी विश्वास और प्रेम बहुत मजबूत है।
‘जनता का भरोसा मेरी सबसे बड़ी पूंजी’
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की जनता ने उन्हें राज्य की सेवा करने की जिम्मेदारी सौंपी है और वह इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने लोगों का विश्वास अपनी मेहनत से जीता है और इस भरोसे को कभी टूटने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें कलाकारों का इस्तेमाल सिर्फ भीड़ जुटाने के लिए करती थीं, लेकिन उनकी सरकार ने कलाकारों को सम्मान दिलाने का काम किया है।
महिलाओं और तीर्थ यात्रा योजना का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि 1 जुलाई से महिलाओं के खातों में आर्थिक सहायता भेजी जा रही है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये, जबकि अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं को 1,500 रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को मिल रहा है और इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के विस्तार का भी उल्लेख किया। इसके तहत श्रद्धालुओं को श्री हरमंदिर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब, हरिद्वार, ऋषिकेश, सालासर धाम और खाटू श्याम जी सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा कराई जा रही है।
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‘लंदन या कैलिफोर्निया नहीं, खुशहाल पंजाब बनाना है’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य पंजाब को किसी दूसरे देश जैसा बनाना नहीं, बल्कि खुशहाल और समृद्ध पंजाब का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि सरकार का हर फैसला राज्य और जनता के हित को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है और विकास की गति तेज करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपनी जड़ों से जुड़े रहने की अपील करते हुए कहा कि जिस तरह गहरी जड़ों वाला पेड़ कभी नहीं गिरता, उसी तरह समाज को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने संगत और आयोजन समिति को वार्षिक मेले की सफलता पर बधाई दी और पंजाब की तरक्की, समृद्धि और खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा।






