Mann government’s Yudh Nashean Virudh initiative as Nasha Mukti Mitras : पूरे पंजाब में, आंगनवाड़ी वर्कर भगवंत मान सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ पहल में ‘नशा मुक्ति मित्र’ के तौर पर शामिल हो रही हैं। वे परिवारों और समुदायों को नशीले पदार्थों के सेवन के खतरों के बारे में जागरूक करने के लिए ज़मीनी स्तर पर एक नेटवर्क बना रही हैं, जिसमें खेल और सामुदायिक भागीदारी रोकथाम की रणनीति के मुख्य हिस्से हैं।
‘नशा मुक्ति मित्र’ के तौर पर काम कर रही 20 आंगनवाड़ी वर्करों को सम्मानित किया
श्री मुक्तसर साहिब के मलोट में आयोजित एक राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में यह देखने को मिला कि कैसे भगवंत मान सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ पहल, नशा रोकने और नशा छुड़ाने के अलावा सामुदायिक स्तर पर रोकथाम को मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस कार्यक्रम में, ‘नशा मुक्ति मित्र’ के तौर पर काम कर रही 20 आंगनवाड़ी वर्करों को सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने नशीले पदार्थों के सेवन के बारे में जागरूकता फैलाने में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया।
परिवारों और बच्चों के साथ नियमित संपर्क के कारण, आंगनवाड़ी वर्करों को सामुदायिक स्तर के एंबेसडर के तौर पर तैयार किया जा रहा है। वे लोगों को नशीले पदार्थों के खतरों के बारे में जागरूक कर सकती हैं, शुरुआती स्तर पर ही मदद लेने के लिए प्रोत्साहित कर सकती हैं और जिन्हें मदद की ज़रूरत है, उन्हें राज्य के नशा मुक्ति और पुनर्वास सिस्टम से जोड़ने में मदद कर सकती हैं।
युवाओं के बीच हॉकी, फ़ुटबॉल, वॉलीबॉल और क्रिकेट के सामान वाली 100 से ज़्यादा स्पोर्ट्स किट बांटी गईं
मलोट कार्यक्रम में रोकथाम के एक साधन के तौर पर खेलों पर सरकार के बढ़ते ज़ोर को भी दिखाया गया। जिले के युवाओं के बीच हॉकी, फ़ुटबॉल, वॉलीबॉल और क्रिकेट के सामान वाली 100 से ज़्यादा स्पोर्ट्स किट बांटी गईं।
जिले की आंगनवाड़ी वर्करों, युवाओं और कम्युनिटी चैंपियंस को संबोधित करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “पंजाब सरकार युवाओं को स्वस्थ विकल्प देने और उन्हें नशीले पदार्थों से दूर रखने के लिए खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रही है।”
पूरे पंजाब में लगभग 3,000 खेल के मैदान विकसित किए जा रहे हैं
मंत्री ने बताया, “पूरे पंजाब में लगभग 3,000 खेल के मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जबकि इस साल जनवरी में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 500 ‘पिंड जिम’ (गांव के जिम) का उद्घाटन किया था। इस महीने की शुरुआत में बठिंडा में शुरू हुए सालाना खेल उत्सव ‘खेड़न वतन पंजाब दियां’ का चौथा सीज़न भी युवाओं को खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।”
यह तरीका नशा-विरोधी अभियान में एक और पहलू जोड़ता है
उन्होंने कहा, “यह तरीका नशा-विरोधी अभियान में एक और पहलू जोड़ता है। जहां कानून लागू करने वाली एजेंसियां ड्रग्स की सप्लाई रोकने पर ध्यान देती हैं, वहीं नशा-मुक्ति और पुनर्वास सेवाएं उन लोगों की मदद करती हैं जो पहले से ही नशे की लत से जूझ रहे हैं। इसके अलावा, सरकार रोकथाम पर ज़्यादा ध्यान दे रही है। इसके लिए ऐसा माहौल बनाया जा रहा है जहां युवाओं को मनोरंजन और खेल-कूद की गतिविधियां मिलें, समुदाय का साथ मिले और ऐसे बड़े-बुज़ुर्ग हों जो नशे की लत के शुरुआती संकेतों को पहचान सकें।”
इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की
डॉ. बलजीत कौर ने शिक्षकों, माता-पिता, युवा क्लबों, पंचायतों और समाज कल्याण संगठनों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने युवाओं से यह भी कहा कि वे उन दोस्तों का साथ न छोड़ें जो नशे की ओर बढ़ रहे हैं, बल्कि उन्हें मदद लेने और नशे की लत से दूर होने के लिए प्रोत्साहित करें।
मलौट कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने पोस्टर बनाने और निबंध लिखने की प्रतियोगिताओं में भाग लिया। मालवई गिद्दा और नशे के प्रति जागरूकता पर आधारित नाटक जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने एक स्वस्थ और नशा-मुक्त पंजाब का संदेश मज़बूत किया।
‘नशा मुक्ति मित्रों’ की तैनाती के साथ, सरकार ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान को परिवारों और समुदायों के और करीब ला रहा
पंजाब एक ऐसा स्थानीय इकोसिस्टम बना रहा है जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्कूल, माता-पिता, पंचायतें, युवा क्लब और खेल सुविधाएं रोकथाम की कोशिशों का हिस्सा बनें। इसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और ‘विलेज एंड वार्ड डिफेंस कमेटियां’ जैसी पहलें अहम भूमिका निभा रही हैं। पूरे पंजाब में ‘नशा मुक्ति मित्रों’ की तैनाती के साथ, सरकार ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान को परिवारों और समुदायों के और करीब ले जा रही है, ताकि नशे की लत को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।






