NHAI पंजाब और हरियाणा में चल रहे कामों समेत 17 नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स में क्वालिटी से जुड़ी कमियों की करेगा जांच

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NHAI inspect 17 National Highway projects:  नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) पंजाब और हरियाणा समेत 17 निर्माणाधीन नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स की खास क्वालिटी जांच करेगी। इन प्रोजेक्ट्स की बोली की कीमत, अनुमानित लागत से 15% से ज़्यादा कम थी। NHAI के रेगुलर क्वालिटी-मॉनिटरिंग सिस्टम के अलावा, इन जांचों का मकसद शुरुआती स्टेज में ही क्वालिटी से जुड़ी कमियों का पता लगाना और समय पर सुधार के कदम उठाना है।

इन 17 प्रोजेक्ट्स को तीन आधारों पर चुना गया

जांच का पहला राउंड दिसंबर 2026 तक पूरा करने का प्लान है। इसके बाद, चुने गए प्रोजेक्ट्स की छह महीने बाद एक्सपर्ट्स की एक दूसरी टीम फिर से जांच करेगी ताकि कंस्ट्रक्शन स्टैंडर्ड्स के पालन और सुधार के उपायों की पुष्टि की जा सके। इन 17 प्रोजेक्ट्स को तीन आधारों पर चुना गया है 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कंस्ट्रक्शन लागत, 15% से ज़्यादा का टेंडर डिस्काउंट और 35% से 80% के बीच फिजिकल प्रोग्रेस। NHAI ने कहा कि इन क्राइटेरिया से उसे एक निष्पक्ष और डेटा-आधारित तरीका अपनाते हुए, कंस्ट्रक्शन के अहम स्टेज वाले प्रोजेक्ट्स की क्वालिटी जांच पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। चुने गए प्रोजेक्ट्स में कर्नाटक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में ग्रीनफील्ड और एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर, बाईपास और चार- व छह-लेन वाले काम शामिल हैं। क्वालिटी-मॉनिटरिंग सिस्टम को मज़बूत करने के लिए, NHAI ने एक्सपर्ट्स का एक ग्रुप बनाया है। इसमें खास जांच टीमें होंगी जिनकी अगुवाई सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, रेल मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और राज्य लोक निर्माण विभागों जैसे विभिन्न सरकारी संगठनों के 39 अनुभवी और रिटायर्ड इंजीनियर करेंगे।

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जांच के दौरान टेक्निकल एक्सपर्ट्स भी टीमों की मदद करेंगे

जांच टीमें मंजूर किए गए ड्रॉइंग, टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स, कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों और प्रोजेक्ट-स्पेसिफिक क्वालिटी प्लान के आधार पर कंस्ट्रक्शन के कामों का आकलन करेंगी। वे सैंपलिंग और टेस्टिंग से जुड़े रिकॉर्ड्स की समीक्षा करने के अलावा, कंस्ट्रक्शन मटीरियल, कारीगरी और कंस्ट्रक्शन के तरीकों की क्वालिटी की भी जांच करेंगी। जांच में सड़क सुरक्षा के उपाय, ट्रैफिक मैनेजमेंट और पर्यावरण से जुड़े सुरक्षा उपाय भी शामिल होंगे, जहां भी ये लागू होते हैं। तय स्टैंडर्ड्स से कमतर पाए गए किसी भी काम की पहचान की जाएगी और लागू कॉन्ट्रैक्ट के प्रावधानों के तहत सुधार के लिए कार्रवाई की जाएगी। NHAI के अनुसार, इन खास तरह की जांचों से क्वालिटी से जुड़ी बार-बार होने वाली समस्याओं, निर्माण के उन तरीकों जिनमें सुधार की ज़रूरत है, और उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी जहां कॉन्ट्रैक्टर, कंसल्टेंट और दूसरे स्टेकहोल्डर्स से ज़्यादा जवाबदेही की जरूरत है। यह पहल NHAI की उन व्यापक कोशिशों का हिस्सा है जिनका मकसद देश भर में वर्ल्ड-क्लास नेशनल हाईवे नेटवर्क बनाना है। इसके तहत चल रहे नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स की क्वालिटी मॉनिटरिंग को मजबूत करना और समय पर सुधारात्मक कदम उठाना शामिल है।

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