‘No compromise on infra, sanitation’: गुरुग्राम में इंफ्रास्ट्रक्चर, साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को सीनियर अधिकारियों को साफ़ तौर पर यह संदेश दिया और उन्हें काम पूरा करने के लिए डेडलाइन तय करने का आदेश दिया। अब सिर्फ यह कहना काफ़ी नहीं है कि ‘हम यह करेंगे’, अधिकारियों को अब यह भी बताना होगा कि वे इसे ‘कब तक’ करेंगे। गुरुग्राम को हरियाणा का ‘चेहरा’ बताते हुए, मुख्यमंत्री ने यह भी साफ़ कर दिया कि किसी भी कमी या काम पूरा न होने पर सीनियर अधिकारियों को ही ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जवाबदेही जरूरी है और बहाने नहीं चलेंगे।
तय समय-सीमा के साथ साफ-साफ काम की योजनाएं बनायें
एक हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए, जो अभी चल रही है, मुख्यमंत्री सैनी ने मौजूद अधिकारियों -ॉ जिनमें CM के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी राजेश खुल्लर, प्रिंसिपल एडवाइज़र (अर्बन डेवलपमेंट) डीएस ढेसी, GMDA CEO पीसी मीना, MCG कमिश्नर प्रदीप दहिया, गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर उत्तम सिंह और पुलिस कमिश्नर सिबाश कबीराज से कहा कि वे तय समय-सीमा के साथ साफ-साफ काम की योजनाएं बनायें।
शहर अभी मॉनसून में जलभराव की समस्या से मुश्किल से ही उबरा है, और अब सर्दियों में एक नई चुनौती सामने है: वायु प्रदूषण। सैनी, जो पिछले साल से खुद प्रदूषण कंट्रोल पर नज़र रख रहे हैं, चाहते हैं कि इस सीजन में इससे सख्ती से निपटा जाए। उन्होंने कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन (C&D) वेस्ट (मलबे) को लेकर भी कड़ी नाराज़गी जताई। गुरुग्राम में जगह-जगह मलबा फेंके जाने की रिपोर्ट मिलने पर, CM ने अधिकारियों से नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।
गुरुग्राम हरियाणा का चेहरा
CM सैनी ने कहा, “गुरुग्राम हरियाणा का चेहरा है। हालांकि मौजूदा निर्देश पूरे राज्य के लिए हैं, लेकिन सरकार शहर में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कमियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। ज़िम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। हम कामों के लिए डेडलाइन तय करेंगे, अमल में लाने लायक योजनाएं बनानी होंगी और उन्हें पूरा करना होगा। सरकार हर जरूरी मदद देगी।” उन्होंने आगे कहा कि अगर निवासियों को इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कोई समस्या हो, तो उन्हें अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए और उनकी बात सुनी जाएगी।






