Mawan Dhiyan Satkar Yojana: पंजाब सरकार ने विभिन्न विभागों को निर्देश दिया है कि वे ‘मावां धियां सत्कार योजना’ के तहत 1,597 महिला कर्मचारियों (सेवारत और सेवानिवृत्त) को दी गई 50 लाख रुपये से अधिक की राशि वापस वसूलें, क्योंकि ये महिलाएं इस योजना के लिए ‘अपात्र’ पाई गई हैं। सरकार ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है और विभागों से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग ने संबंधित विभागों को पत्र लिखकर कहा है कि वे अपात्र लाभार्थियों को दी गई राशि वापस वसूलें और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करें। सरकारी सेवा में होने या सेवानिवृत्त होने के बावजूद, इन लाभार्थियों को उनकी पात्रता श्रेणी के आधार पर जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए 3,000 रुपये या 4,500 रुपये मिले थे। लगभग आधा दर्जन सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने इस सहायता का लाभ उठाया है। इनमें शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े कई मामले शामिल हैं।
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लाभार्थियों के सत्यापन के दौरान ये अनियमितताएं सामने आईं। आरोप है कि कुछ महिला कर्मचारियों ने योजना के लिए आवेदन करते समय अपनी नौकरी की स्थिति के बारे में जानकारी छिपाई थी। सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। इसके अलावा, आयकरदाता, वर्तमान और पूर्व विधायक (MLA), तथा वर्तमान और पूर्व सांसद (MP) भी इस लाभ के लिए अपात्र हैं। ‘मावां धियां सत्कार योजना’ के तहत, सामान्य श्रेणी की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये मिलते हैं, जबकि अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये दिए जाते हैं।






