हरियाणा प्रशासन में मचा हड़कंप, 657 करोड़ के बैंक घोटाले में दो IAS अफसर गिरफ्तार

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चंडीगढ़: 657 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद हरियाणा की नौकरशाही में हड़कंप मच गया है। पिछले पांच दिनों के भीतर IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल और राम कुमार सिंह की गिरफ्तारी ने प्रशासनिक महकमे में चिंता बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों के बीच यह आशंका गहरा गई है कि मामले में आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। बताया जा रहा है कि इस घोटाले की जांच के दायरे में कुल आठ IAS अधिकारी हैं।

निजी क्षेत्र से दूरी बनाने लगे अधिकारी

ब्यूरोक्रेसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस मामले के बाद अधिकारी निजी व्यक्तियों और कॉरपोरेट कंपनियों के साथ अपने संपर्कों को सीमित करने की तैयारी कर रहे हैं। कई अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में किसी भी तरह की विवादित स्थिति से बचने के लिए निजी क्षेत्र के साथ मेलजोल और अनौपचारिक बैठकों से दूरी बनानी होगी। एक अधिकारी ने कहा कि आने वाले सालों में निजी व्यक्तियों और कंपनियों के साथ संपर्क को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।

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मुख्य सचिव ने दी सतर्क रहने की सलाह

घोटाले के सामने आने के बाद हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अनौपचारिक बैठक की थी। इसमें अधिकारियों को निजी व्यक्तियों के साथ व्यवहार में सावधानी बरतने, अनावश्यक फोटो खिंचवाने, निजी कार्यक्रमों में शामिल होने और उपहार स्वीकार करने से बचने की सलाह दी गई थी।

फैसले लेने की रफ्तार हो सकती है धीमी

अधिकारियों का मानना है कि इस घटना का असर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी पड़ सकता है। कई अधिकारी अब संवेदनशील मामलों में निर्णय लेने से पहले अतिरिक्त कानूनी और प्रशासनिक राय लेना पसंद करेंगे। एक अधिकारी के अनुसार, नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के प्रयास में फैसले लेने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है, जिससे प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ने की आशंका है।

क्या है पूरा मामला?

जांच एजेंसियों के अनुसार, घोटाले में IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत सामने आई है। आरोप है कि सरकारी अधिकारियों के साथ साठगांठ कर हरियाणा सरकार के आठ विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों के बैंक खातों से करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। CBI मामले की जांच कर रही है और घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

 

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