करनाल: हरियाणा के करनाल स्वास्थ्य विभाग की एक मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) मामले की रिवर्स ट्रैकिंग ने पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में चल रहे कथित अवैध गर्भपात रैकेट का पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में दो सहायक नर्स (एएनएम) को गिरफ्तार किया गया है, वहीं एक डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों में शामली निवासी डॉ. अर्पित और कैराना की रहने वाली इकरा और फातिमा शामिल हैं।
कैसे हुआ भंडाफोड़
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब करनाल की रहने वाली प्रीति नाम की महिला को अवैध गर्भपात के बाद हुई गंभीर जटिलताओं के कारण कल्पना चावला सरकारी मेडिकल कॉलेज (केसीजीएमसी), करनाल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने मामले की जानकारी सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी को दी। इसके बाद 30 जून को डॉ. पूनम चौधरी ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शीनू चौधरी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। टीम ने अस्पताल पहुंचकर महिला के देवर रिंकू का बयान दर्ज किया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
धार्मिक यात्रा से लौटते वक्त हुआ था हादसा
जांच में सामने आया कि 25 जून को परिवार उत्तर प्रदेश के एक धार्मिक स्थल गया था। लौटते समय उनका सड़क हादसा हो गया, जिसमें प्रीति घायल हो गई। इसके बाद उसे अल्ट्रासाउंड के लिए शामली के एक अस्पताल ले जाया गया। आरोप है कि जांच के बाद डॉ. अर्पित ने परिवार को बताया कि गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति ठीक नहीं है और मां की जान बचाने के लिए तुरंत गर्भपात कराना जरूरी है। इसके बाद महिला को कैराना स्थित एक हेल्थकेयर सेंटर ले जाया गया, जहां कथित तौर पर गर्भपात कराया गया।
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छापेमारी में मिले गर्भपात के उपकरण
परिवार के बयान के आधार पर जांच टीम पुलिस के साथ कैराना स्थित हेल्थकेयर सेंटर पहुंची। वहां रिंकू ने दो महिलाओं की पहचान की, जो कथित रूप से गर्भपात के दौरान डॉक्टर की मदद कर रही थीं। छापेमारी के दौरान टीम को गर्भपात में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, एमटीपी दवाएं और सरकारी अस्पतालों में मुफ्त वितरण के लिए भेजी गई दवाएं बरामद हुईं।
स्वास्थ्य विभाग ने दर्ज कराई एफआईआर
सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी ने बताया कि मामले में करनाल में एफआईआर दर्ज कराई गई है और छापेमारी में बरामद सभी सामान को आगे की कार्रवाई के लिए शामली स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया गया है। उन्होंने लोगों से अवैध गर्भपात और लिंग जांच जैसी गतिविधियों की सूचना देने की अपील करते हुए कहा, “हम हर गर्भावस्था पर नजर रख रहे हैं। यह मामला भी ऐसी ही निगरानी के दौरान सामने आया है।”






