पंजाब में जमीन अधिग्रहण के नियम बदले, बढ़ाया गया आवासीय और कमर्शियल प्लॉट का आकार

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Land pooling policy : बुधवार (1 जुलाई) को पंजाब कैबिनेट ने नई संशोधित लैंड पूलिंग नीति (Land pooling policy) को मंजूरी दे दी है। किसानों और जमीन मालिकों के विरोध के बाद सरकार ने नीति में कई बदलाव किए हैं, ताकि उन्हें अधिक लाभ मिल सके।

जमीन के बदले मिलने वाले आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट का आकार बढ़ा

नई नीति के तहत जमीन के बदले मिलने वाले आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट का आकार बढ़ाया गया है। मिक्स्ड यूज और रिहायशी परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन पर प्रति एकड़ 210 वर्ग गज का कमर्शियल प्लॉट मिलेगा, जबकि पहले यह 200 वर्ग गज था। वहीं, एक हजार वर्ग गज का आवासीय प्लॉट पहले की तरह ही मिलेगा। रिहायशी उपयोग के लिए ली जाने वाली जमीन पर अब 1630 वर्ग गज का आवासीय प्लॉट दिया जाएगा, जो पहले 1600 वर्ग गज था। इसी तरह व्यावसायिक उपयोग के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले 840 वर्ग गज का कमर्शियल प्लॉट मिलेगा, जबकि पहले इसका आकार 800 वर्ग गज था।

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मूल जमीन मालिकों से कोई स्टांप ड्यूटी नहीं ली जाएगी

सरकार ने यह भी फैसला किया है कि इस योजना के तहत आवंटित विकसित प्लॉट की रजिस्ट्री के समय मूल जमीन मालिकों से कोई स्टांप ड्यूटी नहीं ली जाएगी। इसके अलावा सड़कों और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले भी किसानों को प्लॉट दिए जाएंगे।

एक एकड़ जमीन के बदले 200 वर्ग गज

नई व्यवस्था के तहत एक एकड़ जमीन के बदले 200 वर्ग गज, एक से डेढ़ एकड़ जमीन पर 300 वर्ग गज और ढाई एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहित होने पर 500 वर्ग गज का प्लॉट दिया जाएगा। कैबिनेट ने इसके अलावा अनधिकृत कॉलोनियों में बनी इमारतों को नियमित करने के लिए पापरा एक्ट में संशोधन को भी मंजूरी दी है।

 

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