Major crackdown on corruption in Haryana: हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए रेवाड़ी और गुरुग्राम में दो सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
सहायक चकबंदी अधिकारी 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
पहले मामले में ब्यूरो की झज्जर इकाई ने रेवाड़ी स्थित चकबंदी कार्यालय में तैनात सहायक चकबंदी अधिकारी (Assistant Consolidation Officer) बलवान सिंह को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसकी पैतृक संपत्ति के म्यूटेशन रिकॉर्ड में सुधार करने के बदले अधिकारी ने 2.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को 2 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके से पूरी रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।
पटवारी राजेश मल्हान भूमि म्यूटेशन के एक मामले में रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
दूसरे मामले में ब्यूरो ने गुरुग्राम में तैनात पटवारी राजेश मल्हान को भूमि म्यूटेशन के एक मामले में 15 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि शेरपुर गांव की जमीन का म्यूटेशन अपने मित्र की पत्नी के नाम कराने के लिए पटवारी ने पहले 45 हजार की मांग की थी। बाद में बातचीत के बाद रिश्वत की रकम 20 हजार तय हुई, जिसमें से 5 हजार पहले ही दिए जा चुके थे। शिकायत मिलने पर ब्यूरो ने ट्रैप लगाया और आरोपी को शेष 15 हजार लेते हुए पकड़ लिया। पटवारी राजेश मल्हान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
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‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर हो रहा है काम
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक ए.एस. चावला ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के विजन के तहत ब्यूरो ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रहा है। रिश्वतखोरी में लिप्त किसी भी सरकारी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत के मांगने पर हेल्पलाइन नंबर पर करें कॉल
ब्यूरो ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत मांगता है तो इसकी सूचना टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 या हेल्पलाइन 1064 पर दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और हर शिकायत की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की जाएगी।






