Zero Preventable Maternal Death Fortnight : हरियाणा सरकार ने मातृ मृत्यु दर (Maternal Mortality Rate) को और कम करने तथा गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य में 7 जुलाई से 22 जुलाई तक ‘Zero Preventable Maternal Death Fortnight’ अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर गर्भवती महिला को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और समग्र मातृ स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान तेज किया जाए ताकि कोई भी गर्भवती महिला प्रसव पूर्व जांच (Antenatal Care) और संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) जैसी जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) हरियाणा के तहत चलाया जा रहा यह अभियान माताओं की रोकी जा सकने वाली मौतों को शून्य करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना है।
हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी पर रहेगा विशेष फोकस
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मिशन निदेशक डॉ. आर.एस. ढिल्लों ने बताया कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी जिलों के सिविल सर्जनों के साथ समीक्षा बैठकें की गई हैं। अधिकारियों को हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की समय रहते पहचान करने, नियमित प्रसव पूर्व जांच, समय पर रेफरल, फर्स्ट रेफरल यूनिट (FRU) में 24 घंटे तैयारियां बनाए रखने और विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रसूति संबंधी आपात स्थितियों पर तुरंत कार्रवाई करने, रक्त और रक्त अवयवों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लेबर रूम और मातृत्व केंद्रों को निर्बाध रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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निजी अस्पताल भी निभाएंगे अहम भूमिका
NHM के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि अभियान में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया (FOGSI) के हरियाणा चैप्टर का भी सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि IMA और FOGSI से जुड़े निजी अस्पतालों के डॉक्टर अपने अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं को प्रसव के सात दिन के भीतर दो निशुल्क पोस्टनेटल चेकअप उपलब्ध कराएंगे। इससे नई माताओं के स्वास्थ्य की बेहतर निगरानी हो सकेगी और किसी भी संभावित जोखिम की समय रहते पहचान कर इलाज किया जा सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के डॉक्टरों से अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है। साथ ही उन्होंने परिवारों से भी अनुरोध किया कि गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच कराएं, खतरे के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।





